फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में छिड़े घमासान में बुधवार को बॉलीवुड की ओर से अब तक का सबसे बड़ा विरोध सामने आया है. ब्योमकेश बख्शी, 'खोसला का घोसला', 'लव सेक्स और धोखा', जैसी फिल्में बनाने वाले दिबाकर बनर्जी समेत 12 फिल्मकारों ने नेशनल अवॉर्ड लौटाकर अपना विरोध दर्ज कराया है.
अवॉर्ड लौटाने के बाद उन्होंने बताया कि वह एमएम कलबुर्गी और गोविंद पानसरे जैसे लेखकों की हत्या के विरोध और चला रहे स्टूडेंट्स के समर्थन में वह अवॉर्ड लौटा रहे हैं.

इन फिल्मकारों ने लौटाए हैं अवॉर्ड
अवॉर्ड लौटाने वाले फिल्मकारों में दिबाकर बनर्जी और आनंद पटवर्द्धन के अलावा परेश कामदार, निष्ठा जैन, कीर्ति नखवा, हर्षवर्धन कुलकर्णी, हरी नायर, राकेश शर्मा, इंद्रलीन लाहिरी, लिपिका सिंह, प्रतीक वत्स और विक्रांत पवार शामिल हैं. बता दें कि समाज में बढ़ रही अशांति, लेखकों की हत्या और दादरी में हुई हिंसा के बाद करीब 40 साहित्यकारों ने साहित्य अकादमी अवॉर्ड लौटा चुके हैं.
दिबाकर ने कहा, 'FTII में जो हो रहा है देश के बाकी संस्थानों में भी वही हो रहा है, इसी के में हम अवॉर्ड लौटा रहे हैं.' वहीं, आनंद पटवर्द्धन ने उम्मीद जताई है कि दूसरे फिल्मकार भी इस मुहिम में उनका समर्थन देंगे.
We could not think of any better idea than return our national awards because thats all we have :Dibakar Banerjee
— ANI (@ANI_news)
गजेंद्र चौहान ने कहा- ये सही नहीं Not a good decision, they should reconsider it :Gajendra Chauhan on Former students return national awards
— ANI (@ANI_news)