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राजस्थान: सुलह कमेटी को लेकर सचिन पायलट और बीजेपी में छिड़ा ट्विटर वॉर

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के सुलह कमेटी की ओर से कार्रवाई नहीं होने बयान पर भाजपा नेताओं ने ट्वीट किए. इसका जवाब देते हुए सचिन पायलट ने कहा कि आपसी फूट व अंतर्कलह इतनी हावी है कि राज्य में बीजेपी विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही.

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • BJP ने पायलट के बयान के जरिए साधा निशाना
  • सचिन पायलट ने बीजेपी को दिया जवाब

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच ट्विटर वॉर छिड़ गया है. पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के सुलह कमेटी की ओर से कार्रवाई नहीं होने बयान पर भाजपा नेताओं ने ट्वीट किए. इसका जवाब देते हुए सचिन पायलट ने कहा कि आपसी फूट व अंतर्कलह इतनी हावी है कि राज्य में बीजेपी विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही.

दरअसल, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट कर कहा था, 'आखिर मन का दर्द होठों पर आ ही गया, ये चिंगारी कब बारूद बनकर फूटेगी, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा, कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट जी ने अहम भूमिका निभाई थी. सुलह कमेटी के पास मुद्दे अब भी अनसुलझे ही हैं, ना जाने कब क्या हो जाए...'

इस पर सचिन पायलट ने भी ट्वीट करके कहा, 'प्रदेश के भाजपा नेताओं को व्यर्थ बयानबाज़ी की बजाय अपनी स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, आपसी फूट व अंतर्कलह इतनी हावी है कि राज्य में भाजपा विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही, इनकी नाकाम नीतियों से देश में उपजे संकट में जनता को अकेला छोड़ने वालों को जनता करारा जवाब देगी.'

क्यों बनाई गई थी सुलह कमेटी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच पिछले साल जबरदस्त तकरार हुई थी. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच सुलह कराने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने एक कमेटी का गठन किया था. इसे ही सुलह कमेटी कहा जाता है. गठन के 10 महीने बाद भी सुलह कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई है. 

बीते दिनों पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने एक अंग्रेजी अखबार को दिये इंटरव्यू में कहा, 'मुझे जताया गया था कि सुलह कमेटी तेजी से काम करेगी, लेकिन सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है और वे मुद्दे अब भी अनसुलझे ही हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन्होंने पार्टी को सत्ता में लाने के लिए दिन रात मेहनत की उनकी उनकी कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है.'

 

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