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'हमें गद्दार कह रहे 3-3 दल बदलने वाले', गहलोत खेमे के वार पर पायलट गुट के विधायकों का पलटवार

विधायक मुकेश भाकर और राकेश पारीक ने कहा कि हम नहीं होते तो सरकार कैसे बनती. सरकार को बचाने वाले भी हम ही हैं. हम पार्टी के अनुशासन में रहते हुए अपनी बात कहेंगे.

सचिन पायलट (फाइल फोटो) सचिन पायलट (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुकेश भाकर और राकेश पारीक ने बोला जवाबी हमला
  • कहा- ये नौजवान हैं, नहीं है कांग्रेस के इतिहास का ज्ञान
  • हम नहीं होते तो सरकार कैसे बनतीः विधायक पारीक

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के गुट एक बार फिर खुलकर आमने-सामने आ गए हैं. बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) से कांग्रेस में आए गहलोत समर्थक विधायक सचिन पायलट और उनके गुट के विधायकों पर लगातार हमला बोल रहे हैं. गहलोत समर्थकों ने पायलट और उनके समर्थकों को गद्दार बताया तो अब पायलट समर्थक विधायकों ने भी पलटवार किया है.

सचिन पायलट के समर्थक विधायक मुकेश भाकर और राकेश पारीक ने नकली कांग्रेसी और गद्दार के आरोप पर पलटवार किया. दोनों विधायकों ने आरोप लगाया कि किसी के इशारे पर उनके लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है. विधायकों ने जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि हमें वे लोग गद्दार कह रहे हैं जो खुद तीन-तीन दल बदलकर आए हैं. हमें गद्दार कहने वालों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाकर देखना चाहिए कि जनता इन्हें क्या कह रही है. हम तो जबसे जन्म लिए, तबसे कांग्रेस पार्टी में ही हैं. दोनों विधायकों ने बीएसपी से आए विधायक संदीप यादव पर हमला बोला.

मुकेश भाकर और राकेश पारीक ने कहा कि बीएसपी से आए विधायक संदीप यादव ने जिस तरह से विचार प्रकट किया. वह बीजेपी से टिकट मांग रहा था. बीएसपी से चुनाव लड़ा. संदीप ने हमारे मंत्री रहे दुर्रु मियां को हरवाया. ये नौजवान है. उसे कांग्रेस के इतिहास का ज्ञान नहीं है. हमारे मन में हाइकमान और कांग्रेस के लिए सम्मान है.

'पूर्व मुख्यमंत्री के इशारे पर करवा रहे झगड़ा'

मुकेश भाकर ने कहा कि संदीप यादव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में था और उसके बाद वसुंधरा राजे की सरकार में युवा बोर्ड का सदस्य था. उन्होंने कहा कि इसलिए हो सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री के इशारे पर कांग्रेस में लड़ाई झगड़ा करवा रहा हो.

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भाकर ने यह भी आरोप लगाया कि हमारे घर के आस-पास इंटेलीजेंस के लोग घूमते रहते हैं. उन्होंने कहा कि हमने खुद दो-तीन लोगों को पकड़ा. हालांकि, हम उनकी बाइक का नंबर नहीं ले पाए लेकिन उन्होंने हमसे ये कहा कि हम तो ड्यूटी कर रहे हैं. हमारी उनसे बातचीत हुई है. विधायक राकेश पारीक और मुकेश भाकर ने कहा कि इसमें कोई गलत नहीं है. मुख्यमंत्री ये चाहते हैं तो हमारे ऊपर नजर रख सकते हैं और हम तो जहां भी जाएंगे, बताकर जाएंगे.

'सचिन पायलट के पसीने से बनी सरकार'

दोनों विधायकों ने साथ ही ये भी कहा कि सचिन पायलट ने खून-पसीना बहाया है तब जाकर राजस्थान में सरकार बनी है. हमारे नेता सचिन पायलट ही हैं. मुकेश भाकर ने कहा कि मदेरणा, ओला और राजेश पायलट की विरासत संभालने वाले लोगों को इस तरह से बोलना उनकी बेइज्जती है. कांग्रेस विधायक राकेश पारीक ने कहा कि बीएसपी के सदस्यों ने आरोप लगाने का प्रयास किया है. हम तो मांग करते हैं कि सबसे पहले बीएसपी से कांग्रेस में आए विधायकों को ही मंत्री बना दें. हम दोनों के परिवार तीन पीढ़ी से कांग्रेस से जुड़े हैं.

'सरकार बचाने वाले हम ही'

मुकेश भाकर और राकेश पारीक ने कहा कि हम नहीं होते तो सरकार कैसे बनती. सरकार को बचाने वाले भी हम ही हैं. हम पार्टी के अनुशासन में रहते हुए अपनी बात कहेंगे. हम कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान के लिए संघर्ष करते रहेंगे. कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि हमें मंत्री नहीं बनना. हमें सत्ता में रहना होता तो मीठी बातें करते. नंबर गेम की बात ही नहीं. हम आलाकमान से बात करते हैं तो इसमें क्या बुरा है.

उन्होने बीएसपी से कांग्रेस में आए विधायकों पर निशाना साधा और कहा कि झोली-झंडा लेकर पार्टी बदलने वालों को बात करने का अधिकार नहीं है. हम अपने लिए कुछ नहीं मांग रहे हैं. कार्यकर्ताओं का हक चाहते हैं. हम एआईसीसी में अपनी बात रखेंगे.

 

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