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बच्चों की मौत पर कांग्रेस में बवाल: पायलट से बोले गहलोत- सुझाव दें कि क्या करें

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर एयरपोर्ट पर सचिन पायलट के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह हमारे उपमुख्यमंत्री हैं और उपमुख्यमंत्री होने के नाते अगर कोई परेशानी है तो उसकी तरफ इशारा कर सकते हैं.

अशोक गहलोत (तस्वीर- PTI) अशोक गहलोत (तस्वीर- PTI)

  • पायलट के बयान का गहलोत ने किया स्वागत
  • गहलोत बोले- पायलट को सुझाव देने का पूरा हक

राजस्थान कांग्रेस में कोटा के अस्पताल में हुई बच्चों की मौत को लेकर घमासान मचा हुआ है. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट आमने-सामने हैं. हालांकि, प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मीडिया में इस मामले को इस तरह दिखाने की कोशिश में लगे हैं जिससे ये लगे कि उनकी पार्टी में सबकुछ ठीक चल रहा है.

गुरुवार को मुख्यमंत्री गहलोत ने पायलट की शिकायतों का स्वागत किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर एयरपोर्ट पर सचिन पायलट के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह हमारे उपमुख्यमंत्री हैं और उपमुख्यमंत्री होने के नाते अगर कोई परेशानी है तो उसकी तरफ इशारा कर सकते हैं. उसे कह सकते हैं और सरकार में बैठे लोगों की जिम्मेदारी है कि उसे ठीक करें.

गहलोत ने कहा, 'उनको सुझाव देने का हक है और हम इसे गंभीरता से लेंगे. वह हमारे प्रदेश अध्यक्ष हैं और प्रदेश अध्यक्ष का पद बड़ा होता है. उनको हक है कि वह हमारी कमियां गिनाएं और उसके साथ ही सुझाव दें.'

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा, 'सरकार में बैठे चाहे मुख्यमंत्री हो, मंत्री हो या अधिकारी, हम उनकी बातों को सुनेंगे और उसे ठीक करेंगे. विपक्ष का काम होता है सरकार की कमियां गिराना मगर सरकार में बैठे हुए हम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि हम उन कमियों को ठीक करें. सचिन पायलट की बात को सुना जाएगा. उसको हम गंभीरता से लेकर ठीक करेंगे.'

गौरतलब है कि उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कोटा के अस्पताल में बच्चों की मौत को लेकर और पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली नहीं कराए जाने को लेकर गहलोत सरकार पर निशाना साधा था. कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में परोक्ष रूप से अपनी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने शनिवार को कहा था कि हमें और संवेदनशील होना चाहिए था.

मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात के बाद पायलट ने कहा था, 'जेके लोन अस्पताल में 107 बच्चों की मौत हुई है. यह बहुत दर्दनाक है. मैं ऐसा मानता हूं कि इस मामले को लेकर जो हम लोगों की प्रतिक्रिया रही है वो किसी हद तक संतोषजनक भी नहीं है. हमें और अधिक संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए था.'

उन्होंने कहा था, 'आज हम लोगों को जवाबदेही तय करनी पड़ेगी क्योंकि जब इतने कम समय में इतने सारे बच्चे मरे हैं तो कोई ना कोई कारण रहे होंगे. कमियां प्रशासनिक हैं, संसाधन, चिकित्सक,स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ की कमी थी, लापरवाही थी, आपराधिक लापरवाही थी, इन सब की रिपोर्ट बन रही है लेकिन हमें कहीं ना कहीं जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी.'

उन्होंने कहा कि जिस घर में मौत होती है, जिस माता-पिता के बच्चे की जान जाती है, जिस मां की कोख उजड़ती है उसका दर्द वो ही जान सकती हैं. उन्होंने कहा पहले क्या हुआ, कितना हुआ कैसे हुआ वो चर्चा ना करके हमें तो लोगों को यह विश्वास दिलाना होगा कि इस प्रकार की घटनाओं को हम स्वीकार नहीं करेंगे.

पायलट ने कहा, 'एक साल से हम लोग शासन चला रहे हैं तो हमारी जनता के प्रति जवादेही है और हमारी जिम्मेदारी बनती है और मैं इतने सारी मौतों से बहुत आहत हूं और यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि किसी की गलती थी या नहीं.'

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