देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह आम तौर पर अपनी सधी हुई भाषा और सपाट बोल के लिए जाने जाते हैं. लेकिन बुधवार को गुलाबी शहर में विवादित बोल का भूत उनके सिर माथे भी चढ़कर बोलने लगा. राजनाथ सिंह ने जयपुर में देशभर के पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शातिर अपराधी को मारने पर शादी करने जैसी खुशी मिलती है. इतना ही नहीं, बात पुलिस की गाली-गलौज की आई तो गृह मंत्री ने गालियों को 'वेद वाक्य' का दर्जा दे दिया.
गौर करने वाली बात यह भी है कि यह वही राजनाथ सिंह हैं, जिन्होंने हाल ही खुद को और अपने परिवार को विवादों से दूर रखने के लिए 'दोषी' साबित होने पर राजनीति छोड़ने तक की बात कह दी थी.
गौरतलब है कि मंगलवार को जयपुर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण के लिए देशभर के आला पुलिस अधिकारी जयपुर में जुटे थे. प्रशिक्षण के आखिरी दिन अधिकारियों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पुलिस की हौसला अफजाई शुरू की. लेकिन इस दौरान बोलते-बोलते गृह मंत्री यहां तक कह गए कि शातिर अपराधियों को जंगल में कई दिनों तक पीछा कर मार गिराने के बाद ऐसी खुशी मिलती है, जो शदी की खुशी से भी ज्यादा होती है.
राजनाथ यही नहीं रूके, बात माओवादियों की आई तो गृह मंत्री ने कहा, 'जब मैं यूपी की सीएम था, माओवाद चरम पर था और अधिकारी मारे जा रहे थे. तब हमने सारे अधिकारियों को बुलाया. सबने कहा कि विपक्षी पार्टी और मानवाधिकार के सामने पेश होना पड़ता है. हमने कहा आप जाओ मानवाधिकार की चिंता मत करो मानवाधिकार से मैं निपटूंगा. जरूरत पड़ने पर अपने कलम से आर्डर निकालेंगे.'
अभी भी रखता हूं वही राय
दिलचस्प बात यह रही कि कार्यक्रम समाप्त होने और मंच से उतरने के बाद भी गृह मंत्री के तेवर बरकरार थे. ऐसे में जब उनके पूछा गया कि क्या मानवाधिकार आयोग के बारे में उनकी वही राय है जो यूपी के सीएम के तौर पर थी. राजनाथ सिंह ने कहा, 'बिल्कुल मेरी अब भी वही राय है.'
भगवा बिग्रेड को भी हो सकती है आपत्ति
राजनाथ के विवादित बोल पर न सिर्फ विपक्ष बल्कि देश के भगवा बिग्रेड को भी आपत्ति हो सकती है. दरअसल, राजनाथ ने अपने संबोधन में पुलिस की गालियों को वेद वाक्य की संज्ञा दे दी. उन्होंने कहा, 'पुलिस वालों के बारे में परसेप्शन है कि वे वेद वाक्य बोलते हैं. वेद वाक्य का अर्थ गाली गलौज से है.'