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राजस्थान HC में आज फिर सुनवाई, पायलट की ओर से मुकुल रोहतगी करेंगे पैरवी

राजस्थान में अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट गुट की लड़ाई राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी मोर्चे पर भी लड़ी जा रही है. मंगलवार को फिर इस मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई होगी.

राजस्थान में जारी है कानूनी लड़ाई (PTI) राजस्थान में जारी है कानूनी लड़ाई (PTI)

  • राजस्थान में जारी है सियासी दंगल
  • पायलट गुट की याचिका पर सुनवाई
  • स्पीकर के नोटिस के खिलाफ याचिका

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा बाढ़ और कोरोना वायरस जैसी महामारी से लड़ रहा है, दूसरी ओर राजस्थान में अभी भी सत्ता का संघर्ष जारी है. कांग्रेस में ही बागी रुख अपनाने वाले राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के गुट की याचिका पर हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. मंगलवार को इस मामले में फिर सुनवाई होगी. पायलट की ओर से मुकुल रोहतगी पैरवी करेंगे.

06.15 PM: पायलट के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि जिस शिकायत पर नोटिस जारी किया गया, वही क्षेत्राधिकार में नहीं है. इसे लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने पहले ही मन बना लिया. इस मामले में मंगलवार सुबह 10.30 बजे से फिर सुनवाई होगी. पायलट की ओर से मुकुल रोहतगी पैरवी करेंगे.

04.17 PM: सीजे ने पूछा कि क्या पार्टी मीटिंग के लिए व्हिप जारी की जा सकती है? सीजे ने कहा नोटिस जारी करने से पहले माइंडएप्लाई करेंगे या शिकायत होने पर नोटिस ही जारी कर देंगे? वहीं, बहस के दौरान हरीश साल्वे ने 22 जुलाई तक का हाई कोर्ट से वक्त मांगा है. हरीश साल्वे सचिन पायलट के वकील है. उन्होंने स्पीकर के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा क्या 22 जुलाई तक का समय बढ़ा सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष. इस पर सिंघवी ने कहा कि विधानसभा स्पीकर से पूछकर बताएंगे.

03.30 PM: कामत ने कहा कि विधायकों ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनका कार्य इसी तरह का है. विधायकों के एक्शन से साबित है कि उन्होंने पार्टी छोड़ दी है. उनके स्टेटमेंट, सरकार गिराने और लीडरशिप में अविश्वास से ये सब साबित है. कामत ने मद्रास हाई कोर्ट के एक फैसले का हवाला भी दिया.

02.40 PM: सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने पूछा कि अगर कोई कारण रिकॉर्ड नहीं किया गया है, तो फिर स्पीकर ने कारण बताओ नोटिस कैसे दिया? स्पीकर के वकील ने कहा कि अगर कोई पार्टी शिकायत कर रही है, तो विधायक को नोटिस दिया जाना जरूरी है. तब जज ने पूछा कि क्या इसमें व्यक्ति का बयान लेना जरूरी नहीं है? जज ने पूछा कि क्या 19 याचिकाकर्ता कांग्रेस का हिस्सा नहीं हैं?

02.30 PM: हाईकोर्ट में लंच के बाद सुनवाई शुरू हो गई है. अब चीफ व्हिप की ओर से देवदत्त कामथ अपनी बात रख रहे हैं. इनसे पहले स्पीकर की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क रखे.

01.00 PM: हाईकोर्ट में अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से दलीलें दी गईं. अभी अदालत में लंच हुआ है, ऐसे में दो बजे के बाद से फिर से सुनवाई शुरू की जाएगी.

12.00 PM: हाईकोर्ट में पायलट गुट की याचिका पर सुनवाई जारी है. इस बीच CJI की कोर्ट के बाहर कई वकील धरने पर बैठ गए हैं. दरअसल, कोर्ट रूम में सिर्फ मामले से संबंधित वकीलों को बैठने दियया गया है, अन्य वकीलों को नहीं जाने दिया गया है. ऐसे में अन्य वकील इसपर हंगामा कर रहे हैं. कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसवाले तैनात हैं.

11.40 AM: अदालत में सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जिन तर्कों को सुप्रीम कोर्ट नकार चुका है, हरीश साल्वे उन्हीं बातों को सामने ला रहे हैं. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कुछ लाइनें भी सिंघवी ने पढ़ीं. सिंघवी ने कहा कि 19 विधायकों के मामले अलग-अलग हैं, स्पीकर सभी केस के मेरिट पर डिसाइड करेंगे. ऐसे में स्पीकर के मामले में कोर्ट को दखल देने की जरूरत नहीं है.

11.25 AM: अदालत में स्पीकर की ओर से पेश होते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि ये याचिका सिर्फ एक नोटिस के आधार पर डाल दी घई है, जबतक स्पीकर किसी विधायक को अयोग्य घोषित ना कर दें. तबतक अदालत दखल नहीं दे सकता है.गियों की अर्जी खारिज हो.

10.40 AM: स्पीकर की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि स्पीकर के आदेश को लिमिटेड ग्राउंड पर चुनौती दी जा सकती है, लेकिन जो याचिका दायर की गई है उसमें वो ग्राउंड शामिल ही नहीं हैं. ऐसे में अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से कहा गया है कि सचिन पायलट गुट की याचिका तुरंत खारिज कर दी जाए.

10.34 AM: हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने किहोतो फैसले का जिक्र किया, जिसमें 10th शेड्यूल की बात की गई.

10.08 AM: राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट गुट की याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है. केस से अलग वकीलों को अदालत से बाहर रहने को कहा गया है. शुरुआत में अभिषेक मनु सिंघवी अपनी दलील रख रहे हैं.

09.52 AM: अब से कुछ देर में राजस्थान हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू होगी. आज शुरुआत में विधानसभा स्पीकर की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी अपनी दलील रखेंगे.

09.30 AM: राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि आज आने वाले कोर्ट के फैसले पर बहुत कुछ निर्भर करेगा. अगर कोर्ट पायलट गुट को अमान्य कर देती है या मान्य कर देती है, तो अशोक गहलोत को सदन में अपना बहुमत साबित करना चाहिए क्योंकि उसके बाद ही वह कामकाज कर सकते हैं.

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08.10 AM: एक तरफ आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, तो दूसरी ओर सीएम अशोक गहलोत अपने विधायकों के साथ वक्त बिता रहे हैं. सोमवार सुबह भी अशोक गहलोत विधायकों के साथ होटल में दिखाई दिए.

ag_072020081318.jpgविधायकों के साथ अशोक गहलोत.

हाईकोर्ट में फिर सुनवाई

स्पीकर के द्वारा दिए गए नोटिस के खिलाफ सचिन पायलट गुट ने हाईकोर्ट का रास्ता अपनाया, शुक्रवार को भी इस मामले में सुनवाई हुई थी जो देर शाम तक चली. लेकिन अब सोमवार को राजस्थान विधानसभा स्पीकर की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी अपनी दलील रखेंगे. हाईकोर्ट ने सुनवाई होने तक विधायकों पर किसी एक्शन होने से रोक लगा दी थी.

पायलट को मनाने की कोशिशें जारी

एक तरफ कांग्रेस के दो गुटों में ही कानूनी लड़ाई चल रही है, तो दूसरी ओर सचिन पायलट को वापस लाने की कोशिशें भी जारी हैं. रविवार को फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सचिन पायलट को वापस आकर, घर में चर्चा करने की बात कही.

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दूसरी ओर अशोक गहलोत अपना किला मजबूत करने में लगे हुए हैं और उन्हें अब बीटीपी के विधायकों का साथ मिला है, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात भी की. खबर है कि विधानसभा का सत्र भी जल्द शुरू हो सकता है, लेकिन अभी बीजेपी ये तय नहीं कर पाई है कि वो अविश्वास प्रस्ताव लाएगी या नहीं.

जांच को लेकर भी जंग जारी है

इस राजनीतिक उठापटक के बीच कथित ऑडियो टेप मामले में राजस्थान की SOG की टीम अपनी जांच शुरू कर चुकी है. इस मामले में वो ऑडियो सैंपल लेने मानेसर के होटल में भी पहुंचे, जहां पायलट गुट के विधायक हैं. हालांकि, टीम को कोई सफलता हाथ नहीं लगी.

दूसरी ओर बीजेपी ने राजस्थान सरकार पर फोन टैपिंग का आरोप लगाया है तो अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से एक रिपोर्ट तलब की गई है, जिसमें फोन टैपिंग को लेकर सवाल हैं. बीजेपी ने फोन टैपिंग को कांग्रेस की अंदरूनी साजिश बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है.

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