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बहुमत साबित करने की जिद पर अड़े गहलोत, आधी रात तक चली कैबिनेट मीटिंग

राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से विधानसभा स्पीकर के नोटिस पर स्टे लगा दिया गया है. अब अगली सुनवाई तक स्पीकर विधायकों को अयोग्य घोषित नहीं कर सकते हैं. वहीं, सीएम गहलोत विधानसभा का सत्र बुलाने पर अड़े हैं. वह बहुमत साबित करने की जिद पर अड़े हैं.

विधानसभा सत्र बुलाने पर अड़ा गहलोत गुट (फाइल फोटो) विधानसभा सत्र बुलाने पर अड़ा गहलोत गुट (फाइल फोटो)

  • राजस्थान में सियासी संकट है जारी
  • हाईकोर्ट से पायलट गुट को मिली बड़ी राहत
  • विधानसभा सत्र को लेकर CM-राज्यपाल आमने-सामने

राजस्थान हाईकोर्ट से सचिन पायलट गुट को राहत मिलने के बाद अब अशोक गहलोत कैंप में हलचल तेज है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने की अपील की गई है, तो राज्यपाल कलराज मिश्र ने अभी कोरोना संकट का हवाला देते हुए इनकार कर दिया है. इस बीच अशोक गहलोत विधायकों को साथ लेकर राजभवन पहुंचे. इससे पहले हाईकोर्ट ने अपने फैसले में विधानसभा स्पीकर के नोटिस पर स्टे लगा दिया था यानी पायलट गुट को अभी अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता है.

राजस्थान की सियासत के सभी अपडेट पढ़ें...

12.29 AM: गहलोत कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. ये बैठक 2 घंटे 20 मिनट तक चली.

12.05 PM: मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट बैठक जारी है. डेढ़ घंटे से ज्यादा समय से ये बैठक हो रही है. इस बैठक से क्या निकलकर सामने आता है सबकी नजर इसपर है.

10.20 PM: मुख्यमंत्री आवास पर गहलोत कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है.

9.30 PM: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान में जारी सियासी संकट पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश में संविधान और क़ानून का शासन है. सरकारें जनता के बहुमत से बनती और चलती हैं. राजस्थान सरकार गिराने का बीजेपी का षड्यंत्र साफ है. ये राजस्थान के आठ करोड़ लोगों का अपमान है. राज्यपाल को विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए ताकि सच्चाई देश के सामने आए.

8.00 PM: राजभवन में कांग्रेस विधायकों का धरना खत्म हो गया है. विधायक वापस होटल जा रहे हैं. अशोक गहलोत सीएम आवास पहुंच गए हैं. कुछ देर में कैबिनेट बैठक होगी. बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र को बुलाने को लेकर फिर से प्रस्ताव किया जाएगा पारित.

7.55 PM: रात 9.30 बजे गहलोत कैबिनेट की बैठक होगी. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अशोक गहलोत के नेतृत्व की सरकार को गिराने की साजिश बीजेपी कर रही है. एक सरकार और मुख्यमंत्री अपना बहुमत साबित करना चाहते हैं. वो विधानसभा सत्र बुलाना चाहते हैं. वह लोगों का मुंह बंद करना चाहते हैं जो कहता है कि कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हमारे पास संपूर्ण बहुमत है और हम करोना से लड़ने और जनता की भलाई के लिए विधानसभा का सत्र बुलाना चाहते हैं. सारे विधायक इसी मांग के साथ राज्यपाल के पास आए थे.

7.19 PM: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राजभवन के अंदर विधायकों का धरना जारी रहेगा. ये धरना तब तक जारी रहेगा जब तक राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुला लेते.

5.50 PM: सीएम अशोक गहलोत राजभवन से बाहर आ गए हैं. उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की. राजभवन से बाहर आने के बाद सीएम गहलोत ने कहा कि राज्यपाल बिना दबाव के इस तरह से कैबिनेट का फैसला मानने से इनकार नहीं कर सकते. हम विधानसभा में बहुमत साबित करना चाहते हैं. कोरोना वायरस पर चर्चा करना चाहते हैं. राज्यपाल कलराज मिश्र का अपना एक कद है. उम्मीद है कि वह दबाव में नहीं आएंगे. यकीन करते हैं कि वह जल्दी कोई अपना फैसला सुनाएंगे. सीएम ने कहा कि जब तक वह पत्र नहीं दे देते तब तक हमारा धरना जारी रहेगा. उम्मीद करते हैं कि वो जल्दी फैसला बता देंगे.

5.35 PM: राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि शनिवार को सुबह 11 बजे कांग्रेस की तरफ से धरना प्रदर्शन किया जाएगा. सरकार गिराने की बीजेपी की साजिश के खिलाफ ये धरना प्रदर्शन होगा.

4.45 PM: राज्यपाल कलराज मिश्रा जब तक अपना फैसला नहीं बता देते तब तक कांग्रेस विधायक राजभवन में डटे रहेंगे. सीएम गहलोत और सभी विधायक लॉन में बैठे हुए हैं. राज्यपाल ने कहा है कि वह मामले को देखेंगे.

4.42 PM: राजस्थान से बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने ट्वीट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजभवन में चिल्लाओ मर्यादा को हर अपने काम काज को तिलांजलि देकर सत्ता का सुख- तुमने कोई कम नहीं पाया है पर पूरे राजस्थान का सिर आज झुकवाया है.

16.20 PM: राजभवन की तरफ से कांग्रेसी विधायकों को खाने के लिए बिस्किट दिया गया है. विधायक राजभवन में पार्क में बैठे हुए हैं.

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16.09 PM: राजस्थान की लड़ाई जयपुर से दिल्ली ले जाने की तैयारी है. राजभवन में धरना देने के बावजूद अगर कांग्रेस को लगा कि उसकी मांग की अनदेखी हो रही है तो फिर वह दिल्ली का रुख करेगी. गहलोत खेमा राष्ट्रपति के समक्ष गुहार लगाएगा.

15.55 PM: धरने पर बैठे कांग्रेस विधायकों से राज्यपाल कलराज मिश्रा ने कहा कि आपकी मांग हमने सुन ली है. पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. संवैधानिक संस्थाओं का टकराव नहीं होना चाहिए.

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15.50 PM: राज्यपाल के समझाने के बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी बंद कर दिए हैं. मगर वे लॉन में धरने पर बैठे हुए हैं.

3.40 PM: राजभवन परिसर में कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की. कांग्रेस विधायकों ने अशोक गहलोत के समर्थन में नारे लगाए.

3.35 PM: कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी गुंडागर्दी कर रही है. क्या गवर्नर Article 174 के तहत विधानसभा सत्र बुलाने से इंकार कर सकते है? जब कांग्रेस सरकार विधानसभा सत्र बुलाना चाहती है तो बीजेपी भाग क्यों रही है?कब तक जनमत का चीरहरण करेंगे?

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3.25 PM: राज्यपाल कलराज मिश्रा लॉन में धरने पर बैठे विधायकों से मुलाकात करने पहुंचे हैं. राज्यपाल ने कहा है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. विचार-विमर्श के लिए वक्त चाहिए.

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03.12 PM: राजभवन में सभी विधायक धरने पर बैठ गए हैं, नारेबाजी की जा रही है. दूसरी ओर अंदर मुख्यमंत्री गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात कर रहे हैं. यहां विधायक वी वॉन्ट जस्टिस के नारे लगा रहे हैं.

03.00 PM: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोपहर को राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की. इस दौरान सभी विधायक राजभवन में बाहर डेरा जमाए रहे. सीएम की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की जा रही है.

02.33 PM: राजस्थान सरकार में मंत्री का कहना है कि कैबिनेट ने प्रस्ताव पास कर दिया है, तो राज्यपाल को विधानसभा का सत्र बुलाना ही होगा. केंद्र सरकार लोकतंत्र का गला घोंटना चाहती है. सभी विधायक अब राजभवन पहुंच गए हैं. कांग्रेस नेताओं की ओर से कहा गया है कि कोई भी विधायक कोरोना पॉजिटिव नहीं है, इससे पहले राज्यसभा चुनाव में कोविड पॉजिटिव विधायकों ने वोट दिया था.

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हाईकोर्ट के स्टे के बाद आर-पार के मूड में गहलोत गुट, राजभवन में हो सकती है विधायकों की परेड

02.19 PM: सभी विधायक बस में बैठकर राजभवन पहुंच गए हैं. यहां राज्यपाल से मुलाकात कर विधानसभा का सत्र बुलाने की अपील की जाएगी.

02.08 PM: अब से कुछ देर में सभी विधायक बस में बैठकर राजभवन के लिए रवाना होंगे. इस बीच विधायकों का कहना है कि सत्र नहीं बुलाया गया तो सभी राजभवन में धरने पर बैठ सकते हैं.

02.00 PM: हाईकोर्ट के द्वारा नोटिस पर स्टे लगाने के बाद विधानसभा स्पीकर शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं. स्पीकर की ओर से फैसले के खिलाफ याचिका दायर की जा सकती है.

01.50 PM: राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच मुलाकात अब दो बजे होगी. इस बीच राजस्थान के मंत्री रघु शर्मा का कहना है कि अगर कोरोना का संकट है तो वो सभी विधायकों को कोरोना टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं.

12.53 PM: अशोक गहलोत ने कहा कि हमने राज्यपाल को चिट्ठी लिखी है कि वो तुरंत विधानसभा सत्र बुलाएं. जिसमें कोरोना संकट, लॉकडाउन पर चर्चा हो सके. लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है, हमने रात को चिट्ठी लिखी थी. हमारा मानना है कि ऊपर से दबाव होने के कारण वो विधानसभा सत्र बुलाने का निर्देश नहीं दे रहे हैं.

सीएम ने कहा कि जब भैरो सिंह शेखावत की सरकार गिराई जा रही थी, तब मैं पीएम से मिलने गया था और ऐसी बातों को रोकने की अपील की थी. हम सभी विधायक राज्यपाल से मिलेंगे और जल्द सेशन बुलाने की अपील करेंगे. विधानसभा में सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, सारी बातें देश के सामने आएंगी.

12.50 PM: होटल में अभी कांग्रेस विधायक दल की बैठक चल रही है. इस बीच राजभवन जाने में देरी हो गई है.

12.03 PM: अशोक गहलोत गुट की ओर से राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा गया है. अब से कुछ देर में अशोक गहलोत राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं, जहां विधायकों की परेड कराई जा सकती है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से राज्यपाल से सोमवार को विधानसभा सत्र बुलाने की अपील की जा सकती है.

11.45 AM: राजस्थान हाईकोर्ट के द्वारा स्पीकर के नोटिस पर लगाए गए स्टे पर सचिन पायलट गुट का पहला रिएक्शन सामने आया है. पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने ट्वीट कर फैसले की तारीफ की.

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11.26 AM: राजस्थान हाईकोर्ट से पायलट गुट को एक बार फिर राहत मिली है. हाईकोर्ट ने विधानसभा स्पीकर के उस नोटिस पर स्टे लगा दिया है, जिसमें बागी विधायकों पर अयोग्य करार होने का खतरा बरकरार था. हालांकि, अभी ये अंतिम फैसला नहीं है.

11.20 AM: हाईकोर्ट में एक बार फिर सुनवाई शुरू हो गई है. सभी पक्ष की ओर से लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ चुके हैं. केंद्र को पक्षकार बनाने वाली याचिका को अदालत ने सही करार दिया है.

11.07 AM: राजस्थान स्पीकर की ओर से याचिका दायर की गई है कि सचिन पायलट गुट ने केंद्र को पक्षकार बनाने की जो अपील की है, वो गलत है. ऐसे में इस अपील को खारिज कर देना चाहिए.

10.46 AM: राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट गुट की याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है. अब केंद्र सरकार भी इसमें पक्षकार है, ऐसे में केंद्रीय कानून मंत्रालय की ओर से कानूनी पक्ष रखा जा रहा है.

10.40 AM: राजस्थान हाईकोर्ट ने सचिन पायलट गुट के विधायक पृथ्वीराज मीणा की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की बात कही गई थी.

10.07 AM: अब से कुछ देर में राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू होगी. पायलट गुट की याचिका पर हाईकोर्ट को आज अपना फैसला सुनाना है.

09.00 AM: सचिन पायलट गुट की याचिका पर अब से कुछ देर में फैसला सुनाया जाएगा. फैसले पर नजर इसलिए भी हैं क्योंकि पायलट गुट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र को पक्षकार बनाने को कहा है, यानी अगर इसे स्वीकारा जाता है तो तुषार मेहता या वेणुगोपाल अदालत में पेश हो सकते हैं. ऐसे में इस मामले के लंबा खिंचने की भी उम्मीद है.

क्या होगा पायलट गुट का भविष्य?

पार्टी में ही बागी रुख अपनाने वाले सचिन पायलट और उनके साथियों ने स्पीकर का नोटिस मिलने के बाद अदालत का रुख किया था. विधायक दल की बैठक में शामिल ना होने पर कांग्रेस ने स्पीकर से शिकायत की, फिर स्पीकर ने नोटिस दिया. इस मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित किया, साथ ही स्पीकर को कोई एक्शन ना लेने को कहा. अब इसी पर आज सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाया जाएगा.

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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया मामला

हाईकोर्ट के द्वारा फैसला ना देने को आदेश ने राजस्थान स्पीकर सीपी जोशी ने संविधान का उल्लंघन माना. सीपी जोशी की ओर से दावा किया गया कि जबतक स्पीकर कोई फैसला ना ले, तबतक अदालत उसके कामकाज में दखल नहीं दे सकती है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कई घंटे की सुनवाई के बाद भी हाईकोर्ट की सुनवाई टालने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ एक दिन की बात है, पहले हाईकोर्ट का फैसला आ जाए. इसलिए अब इसपर सोमवार को सुनवाई होगी.

किसका क्या दावा है?

दरअसल, पायलट गुट का दावा है कि वो पार्टी में रहकर ही अपनी आवाज़ उठा रहे हैं और पार्टी की मीटिंग पर व्हिप लागू नहीं होता है. वो सिर्फ विधानसभा के सदन के लिए होता है. जबकि गहलोत गुट का कहना है कि बागियों ने पार्टी के नियमों का उल्लंघन किया, बीजेपी के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश की जो दिखाता है कि पार्टी के साथ रहने की उनकी मंशा नहीं है.

एक तरफ हर किसी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर हैं, तो दूसरी ओर अशोक गहलोत की सरकार जल्द ही विधानसभा सत्र बुलाने पर विचार कर रही है. सीएम गहलोत ने गुरुवार को कहा कि सत्र जल्द बुलाया जाएगा, उनके पास बहुमत है और सभी विधायक उनके साथ हैं.

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