राजस्थान में चार जिलों में हुए जिला परिषद और पंचायत चुनाव में BJP और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला रहा. राजस्थान में किसान आंदोलन के गढ़ रहे श्रीगंगानगर जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में BJP का सूपड़ा साफ हो गया. वहीं हाड़ौती में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला BJP को जिताने में कामयाब रहे. कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले पूर्वी राजस्थान में हालांकि जिला परिषद के सीट पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है. मगर पंचायत समिति चुनाव में भारी संख्या में निर्दलीय और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार भी जीते हैं.
हाड़ौती के कोटा और बारां में BJP ने जिला परिषद में अपना बोर्ड बनाया है तो श्रीगंगानगर और करौली में कांग्रेस का बोर्ड बना है. कोटा में 23 जिला परिषद में 13 सीट बीजेपी तो 10 कांग्रेस ने जीती है. जबकि 5 पंचायत समिति में से तीन सांगोद, खैराबाद, सुल्तानपुर में बीजेपी ने जीती हैं. इसके अलावा लाडपुरा और इटावा में कांग्रेस जीती है. बारां में 25 सीटों में से 13 पर बीजेपी जबकि 12 पर कांग्रेस जीती है. आठ पंचायत समिति में से चार बारां, अंता, छबड़ा, छीपा बड़ौदा में बीजेपी तो चार शाहाबाद, मंगरोल, किशनगंज और अटरू में कांग्रेस जीती है.
श्रीगंगानगर में किसान आंदोलन की वजह से सातों पंचायत समिति में बीजेपी बुरी तरह से हारी है और जिला परिषद में भी 25 कांग्रेस तो 3 बीजेपी और एक निर्दलीय हैं. कांग्रेस को सत्ता में लाने वाले पूर्वी राजस्थान के करौली जिले में पंचायत समिति में 66 सीटों पर कांग्रेस तो 61 सीटों पर निर्दलीय जीते हैं, बीजेपी को 43 सीटें ही मिली हैं. 11 सीटों पर बीएसपी जीती है.
सचिन पायलट के खास ग्रामीण विकास मंत्री रमेश मीणा, सपोटरा और मंडरायल पंचायत समिति में कांग्रेस का बोर्ड बनाने में सफल हुए हैं जबकि बीएसपी छोड़कर कांग्रेस में आए लाखों मीणा के इलाके मासलपुर में बीजेपी का बोर्ड बना है. कांग्रेस विधायक पीआर मीणा और भरोसीलाल जाटव के यहां बड़ी संख्या में निर्दलीय जीते हैं. जिला परिषद करौली के 27 वार्ड में से 15 पर कांग्रेस,भाजपा- 7, निर्दलीय- 4 और बसपा एक सीट पर काबिज हुई है.