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राजस्थान: मेयर निलंबन मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

डॉ. सौम्या गुर्जर ने राज्य सरकार द्वारा किए गए सस्पेंशन को चुनौती दी थी. मेयर का कहना है कि उन्हें बिना किसी सफाई के निलंबित कर दिया गया, जिस एफआईआर का हवाला दिया गया है उसमें उनका नाम भी शामिल नहीं है. 

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा है जवाब (फाइल फोटो: CM अशोक गहलोत) हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा है जवाब (फाइल फोटो: CM अशोक गहलोत)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जयपुर ग्रेटर नगर निगम मेयर के सस्पेंशन का मामला
  • राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा

जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर के निलंबन का मामला अब राजस्थान की हाईकोर्ट में सुना जा रहा है. अदालत ने गुरुवार को इस मसले पर राज्य की अशोक गहलोत सरकार से जवाब मांगा है. सरकार की ओर से जवाब देने के लिए कुछ वक्त मांगा गया है, हालांकि शुक्रवार को इस मसले की सुनवाई होनी है. 

डॉ. सौम्या गुर्जर ने राज्य सरकार द्वारा किए गए सस्पेंशन को चुनौती दी थी. मेयर का कहना है कि उन्हें बिना किसी सफाई के निलंबित कर दिया गया, जिस एफआईआर का हवाला दिया गया है उसमें उनका नाम भी शामिल नहीं है. 

बता दें कि रविवार को राज्य सरकार ने जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर और BJP के तीन पार्षदों को सस्पेंड कर दिया था. डॉ. सौम्या गुर्जर के अलावा पारस जैन, अजय चौहान और शंकर शर्मा को सस्पेंड किया गया है. 

दरअसल, मेयर और पार्षदों पर आरोप है कि उन्होंने निगम आयुक्त के साथ बदसलूकी की, हालात हाथापाई तक पहुंच गए थे. इस मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सभी को निलंबित कर दिया था. राज्य सरकार के इस एक्शन के बाद सौम्या गुर्जर ने एक ट्वीट किया और कहा कि सत्य को हराया नहीं जा सकता है. 

गौरतलब है कि सरकार द्वार मेयर पर लिए गए एक्शन के बाद कांग्रेस में ही अलग-अलग राय सामने आ रही थीं. सरकार के कुछ मंत्रियों ने इस एक्शन पर सवाल खड़े किए थे, हालांकि जांच रिपोर्ट में मेयर की गलती की बात कही गई थी. 

 

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