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आज दिल्ली जाएंगे राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में लेंगे हिस्सा

राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों के लेकर एक बार फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की 16 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शामिल होने जा रहे हैं. गहलोत दिवाली के बाद पार्टी के नेताओं विधायकों और कार्यकर्ताओं को तोहफा दे सकते हैं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो) मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं गहलोत
  • राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार पर भी लग सकती है मुहर

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे. वे यहां कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में हिस्सा लेंगे. सीएम गहलोत के इस कार्यक्रम के बाद से ही प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई. बताया जा रहा है कि गहलोत कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं. इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चा हो सकती है. 
 
राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों के लेकर एक बार फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की 16 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के शामिल होने जा रहे हैं. गहलोत दिवाली के बाद पार्टी के नेताओं विधायकों और कार्यकर्ताओं को तोहफा दे सकते हैं.

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य नहीं हैं गहलोत
अशोक गहलोत कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य नहीं हैं, लेकिन अब तक की बैठकों में कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री शामिल होते रहे हैं, इसलिए मुख्यमंत्री के तौर पर वे बैठक में शामिल हो सकते हैं. इस बार कार्यसमिति की बैठक में गुजरात के प्रभारी की हैसियत से राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा भी शामिल होने दिल्ली जा रहे हैं. 

इस साल गहलोत का यह दूसरा दिल्ली दौरा होगा. इससे पहले गहलोत 27 फरवरी को दिल्ली गए थे. गहलोत की इस यात्रा से लंबे समय से अटके मंत्रिमंडल फेरबदल, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन विस्तार पर हाईकमान से चर्चा हो सकती है. गहलोत की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात होने पर इन लंबित मुद्दों को हरी झंडी मिलने के पूरे आसार हैं. 

प्रदेश में लंबित है मंत्रिमंडल विस्तार
प्रदेश में चाहे गहलोत खेमा हो सचिन पायलट या बसपा से आने वाले विधायक सभी लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार राजनीतिक नियुक्तियों की मांग कर रहे हैं. प्रदेश प्रभारी अजय माकन कई बार डेडलाइन दे चुके, लेकिन अब तक न मंत्रिमंडल फेरबदल हुआ और न ही राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन विस्तार पर काम आगे बढ़ा. माना यह गया कि जब तक सोनिया गांधी से अशोक गहलोत की वन टु वन चर्चा नहीं होगी तब तक मंत्रिमंडल विस्तार फेरबदल पर मुहर नहीं लग पाएगी.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना काल से पहले हर महीने दो से तीन बार दिल्ली जाते थे, लेकिन कोरोना काल में यह सिलसिला रुक गया. फरवरी 2020 के बाद गहलोत के दिल्ली दौरों पर ब्रेक लग गया. गहलोत कोरोना की पहली और दूसरी लहर में दिल्ली नहीं गए. 10 महीने बाद पिछले दिसंबर में दिल्ली गए थे. उसके बाद अब 7 महीने बाद ही दिल्ली दौरा होगा. 

 

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