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‘पास’ मुद्दा: राजस्थान विधानसभा के बाहर आज भी जारी रहेगा पत्रकारों का प्रदर्शन

विधानसभा के बाहर भी पत्रकार अपना विरोध जता रहे हैं. इसके पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शासन के दौरान भी विधानसभा के अंदर कैमरा ले जाने पर रोक लगा दी थी. पहले विधानसभा के सत्र के पहले दिन और बजट सत्र में कैमरा अंदर ले  जाने की छूट थी.

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पत्रकारों का धरना प्रदर्शन
पत्रकारों का धरना प्रदर्शन

पत्रकारों को सिर्फ पत्रकार दीर्घा तक सीमित रखने और पास में कटौती के मुद्दे पर राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को भी पत्रकारों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. इससे पहले गुरुवार को विधानसभा के पहले दिन सदन के अंदर विपक्ष के हंगामे से ज्यादा सदन के बाहर पत्रकारों का हंगामा हुआ. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पत्रकारों के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के व्यवहार से नाराज हैं.

बात दें कि सीपी जोशी ने इस बार विधानसभा के कवरेज के लिए बनने वाले पत्रकार पास में भारी कटौती कर दी है. सीपी जोशी के इस फैसले से पत्रकार नाराज हैं. 

विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने वरिष्ठ पत्रकारों के ‘पास’ और एक संस्थान से 5-5 ‘पास’ बनने पर रोक लगाते हुए एक संस्थान से एक ‘पास’ का नियम बना दिया है, जिसमें स्वतंत्र पत्रकार और ऑनलाइन पत्रकारों के लिए कोई जगह नहीं रखी गई है. अब कैमरामैन और फोटोग्राफर भी विधानसभा के अंदर नहीं जा सकते हैं. इसके अलावा पत्रकारों को पत्रकार दीर्घा के अलावा कहीं और जाने नहीं दिया जाएगा. जो पास दिए जा रहे हैं उस पर साफ लिखा हुआ है कि पत्रकार दीर्घा के बाहर पत्रकार नहीं जाएंगे.

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इससे पहले विधानसभा कवरेज के लिए पास बनाने के लिए कभी परेशानी नहीं होती थी. पुराने और स्वतंत्र पत्रकार भी कवरेज के लिए जाते थे. ऐसे पत्रकार भी जाते थे जो छोटे सप्ताहिक और मासिक पत्रिका निकालते हैं. पत्रकारों को कैंटीन में जाकर खाना खाने और चाय पीने की भी छूट हुआ करती थी.  इसके अलावा ‘हां’ पक्ष और ‘ना’ पक्ष लॉबी में जा सकते थे. मंत्रियों के कमरे में भी जाने की छूट थी.

मगर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने इस सब पर रोक लगाते हुए पत्रकारों के पास पहले की तुलना में 80 फीसदी कम कर दी है. यही नहीं विधायकों के साथ आने वाले लोगों की संख्या भी सीमित कर दी गई है. अब एक विधायक और एक अधिकारी के साथ 2 से ज्यादा लोग विधानसभा के अंदर नहीं आ सकते हैं. विधानसभा के इस नए नियम के खिलाफ पत्रकार विधानसभा अध्यक्ष के कमरे के बाहर धरने पर बैठ गए हैं.

विधानसभा के बाहर भी पत्रकार अपना विरोध जता रहे हैं. इसके पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शासन के दौरान भी विधानसभा के अंदर कैमरा ले जाने पर रोक लगा दी थी. पहले विधानसभा के सत्र के पहले दिन और बजट सत्र में कैमरा अंदर ले  जाने की छूट थी. मगर पिछली बीजेपी सरकार के दौरान इस पर रोक लगा दी गई थी. यही नहीं वसुंधरा सरकार ने सचिवालय के अंदर भी कैमरा ले जाने पर रोक लगा दिया था जो कांग्रेस सरकार के दौरान भी जारी है.

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