जयपुर में जानलेवा बीमारी से पीड़ित 10 साल के बच्चे को एक दिन का पुलिस कमिश्नर बनाया गया. बच्चा का सपना है कि वह बड़ा होकर पुलिस कमिश्नर बने.
नन्हे गिरीश के पुलिस कमिश्नर बनने के सपने को मेक-ए-विश फाउंडेशन और राजस्थान पुलिस ने मिलकर पूरा किया. पिछले दो महीने से गिरीश का इलाज सवाई मानसिंह अस्पताल में चल रहा है. वह क्रोनिक किडनी मालफंक्शन से पीड़ित है.
मेक-ए-विश फाउंडेशन की जयपुर कॉर्डिनेटर सुनीता शाह ने कहा, 'बच्चे अपनी विश में साइकिल, बाइक या फिर किसी फिल्मी हस्ती से मिलने की बात करते हैं, लेकिन हरियाणा के क्लास 3 में पढ़ने वाले गिरीश ने एक दिन के पुलिस आयुक्त बनने की इच्छा जताई. ये थोड़ा मुश्किल लगा, लेकिन जयपुर पुलिस ने साथ दिया.'
पुलिस कमिश्नर श्रीनिवास राव जंगा ने बताया, 'गिरीश की पुलिस आयुक्त बनने की इच्छा थी. इस इच्छा को आज पूरी कर दी गई है.' उन्होंने कहा कि इस इच्छा के पूरा होने से बच्चे का मनोबल बढ़ेगा और जिंदगी जीने की भावना भी प्रबल होगी. ये फाउंडेशन 3 से 18 साल के जानलेवा बीमारी से पीड़ित बच्चों की इच्छा को पूरी करता है. पिछले 10 सालों फाउंडेशन ने करीब ढाई हजार बच्चों की इच्छा को पूरा किया है.
एक दिन का पुलिस कमिश्नर बनने के लिए जब गिरीश पुलिस की गाड़ी से खाकी वर्दी में पुलिस मुख्यालय पहुंचा तो पुलिस की सलामी गार्ड की टुकड़ी ने उसे सलामी भी दी.