राजस्थान के भांडवपुर के एक गांव में जैन मुनि जयंतसेन सुरीशवरजी महाराज साहेब का निधन हो गया है. मुनि सुरीशवरजी महाराज के लाखों भक्त थे. सुरीशवरजी महाराज जैन समुदाय के धर्मगुरु थे. उनके निधन पर करीब हजारों की तादाद में लोग इकठ्ठा हुए थे. इन लोगों में से ज्यादार खास अंत्येष्टि कार्यक्रम के लिए इकट्ठा हुए थे. आपको बता दें कि अत्येष्टि के लिए बोली लगाई जाती है.
जब उनको मुखाग्नि देने के लिए बोली लगाई गई तब 33.5 करोड़ की बोली लगाकर एक कारोबारी ने सबको चौका दिया. सबसे ज्याया बोली लगाकर अब वो मुनि जयंतसेन सुरीशवरजी महाराज को मुखाग्नि देंगे. इसके साथ ही अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल अन्य कार्यो के लिए भी बोलियां लगाई गई. जिसमें उन्हें अंतिम बार नहलाने, चंदन लगाने, उनके शरीर को गर्म शॉल से ढकने जैसे कामों के लिए करोड़ों रुपयों की बोलियां लगाई गई.
आपको बता दें कि ये परंपरा (घी बोलो) 450 साल पुराना है. इन पैसों का इस्तेमाल जैन धर्म के प्रचार-प्रसार को फैलाने के लिए किया जाता हैं. इन पैसों से जैन मंदिरों को बनाने के साथ-साथ सामाजिक कामों को करने के लिए भी किया जाता है.