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गहलोत बनाम पायलट: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक जारी, प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन?

राजस्थान में राज्यसभा की 3 में से 2 सीटें जीतने के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर खींचतान चल रही है. सचिन पायलट प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर कायम रहना चाहते हैं तो गहलोत अपने किसी करीबी को बैठना चाहते हैं जबकि पायलट इसे हरहाल में बरकरार रखना चाहते हैं.

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अशोक गहलोत और सचिन पायलट
अशोक गहलोत और सचिन पायलट

  • कांग्रेस CWC की बैठक शुरू, राजस्थान PCC पर होगी चर्चा
  • सचिन पायलट प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को बचाए रखने में जुटे

राजस्थान में कांग्रेस को सत्ता पर काबिज होन के डेढ़ साल के बाद भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच वर्चस्व की जंग जारी है. राज्यसभा की 3 में से 2 सीटें जीतने के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर खींचतान चल रही है. सचिन पायलट प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर कायम रहना चाहते हैं तो गहलोत अपने किसी करीबी को बैठना चाहते हैं जबकि पायलट इसे हर हाल में बरकरार रखना चाहते हैं.

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक जारी है. ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सचिन पायलट राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रमुख बने रहेंगे या अशोक गहलोत फिर से जीत हासिल करेंगे. हालांकि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पार्टी की एकजुटता बनाए रखने के लिए नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर आलाकमान से चर्चा तक कर चुके हैं. इसके पीछे मंशा यह बताई जा रही है कि सरकार के साथ संगठन को भी गहलोत अपने मन मुताबिक चला पाएंगे.

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बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद सचिन पायलट को मुख्यमंत्री पद से वंचित रहना पड़ा था, लेकिन वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने रहे हैं. अब एक बार फिर राजस्थान में गहलोत और पायलट दोनों ही गुट कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि उनका पक्ष इस जारी राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में जीत हासिल करे.

राजस्थान की सत्ता में बीजेपी थी तो गहलोत प्रदेश की सियासत से दूर गुजरात के पार्टी प्रभारी थे. हालांकि, चुनाव के बाद सत्ता की कमान गहलोत को मिली और अब संगठन की कमान भी अपने किसी करीबी को दिलाने की जुगत में है. वहीं, सचिन पायलट भी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी बचाए रखने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं.

कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी की बैठक से एक दिन पहले डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अपने ट्विटर हैंडल की प्रोफाइल फोटो बदलकर सियासी अटकलों को और हवा दे दी थी. पायलट को लाल रंग की राजस्थानी पगड़ी या साफा पहने गाड़ी की स्टैरिंग पकड़े देखा जा सकता है. माना जा रहा है कि इसके जरिए पायलट राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है.

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राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के खेमे में अंदरखाने जबरदस्त खींचतान चल रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि नियुक्तियों से लेकर मंत्रिमंडल में फेरबदल तक, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पावर का असर दिखेगा. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस संबंध में चर्चा होने की संभावना है. गहलोत सरकार में अभी उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के अतिरिक्त 23 मंत्री हैं. 200 सदस्यीय विधानसभा में 15 फीसदी मंत्री बनाए जाने के नियम के तहत 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं. इस लिहाज से 7 मंत्री बनाने को लेकर गहलोत कसरत में जुटे हैं.

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