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राजस्थानः जो जनता की नहीं सुनता वो तानाशाह, वसुंधरा गुट के रोहिताश्व का पीएम पर तंज

बीजेपी से छह साल के लिए निष्कासित होने के बाद पहली बार अलवर पहुंचे रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि मुझे साजिश करके पार्टी से निकाला गया है. उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी.

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया (फाइल फोटो) राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कहा- 3 साल प्रदेश अध्यक्ष रहने वाला नहीं बन सकता सीएम
  • नीति बनाते समय की जानी चाहिए चर्चा- रोहिताश्व शर्मा

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से निष्कासित रोहिताश्व शर्मा ने अब सीधे पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गुट के रोहिताश्व ने मंगलवार को कहा कि जो जनता की नहीं सुनता वह डिक्टेटर (तानाशाह)  कहलाता है.

रोहिताश्व ने साथ ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया पर भी निशाना साधा और कहा कि उनको गलतफहमी हो गई है कि तीन साल प्रदेश अध्यक्ष बनने से सीएम बन जाऊंगा लेकिन उनका सपना पूरा नहीं होगा.

वसुंधरा राजे को बीजेपी का असली चेहरा बताने वाले अलवर के बानसूर से पूर्व विधायक रहे रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि लंबे समय से किसान सड़कों पर धरना दे रहे हैं. देश के अन्नदाता से सरकार को बात करनी चाहिए.

उन्होंने नए कृषि कानून पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनमें कई तरह की कमियां हैं. एमएसपी में भी सरकार को कई बदलाव करने की आवश्यकता है. यह नीति बड़े कॉरपोरेट हाउसों के पक्ष में है. रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि इसीलिए बड़े-बड़े हाउस की तरफ से हरियाणा और पंजाब में गोदाम बनाए गए हैं. सरकार को कोई भी नीति बनाने से पहले उससे जुड़े हुए लोगों से बात करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने जहां भी राज्यों पर नेताओं को थोपा है, वहां से बीजेपी की सरकार चली गई है. इसलिए जनता के हित मे काम करने वाले स्थानीय नेताओं को कमान सौंपकर ही राज्यों में बीजेपी की सरकार बनाई जा सकती है.

रोहिताश्व ने कहा कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हरियाणा में सीएम थोप कर बनाए गए जिससे पार्टी गर्त में गई. वह इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने कहा कि डिक्टेटरशिप (तानाशाही) पार्टी के पतन के लिए गलत है. उन्होंने कहा कि वे किसी से नहीं डरते और जो गलत है, उसके खिलाफ बोलेंगे क्योंकि इससे पार्टी को खासा नुकसान पहुंचेगा. सरकार को आगे आकर, झुक कर किसानों से बात करनी चाहिए औक सड़कों पर बैठे किसानों का धरना समाप्त करवाना चाहिए.

रोहिताश्व ने कहा कि जिस देश का अन्नदाता किसान खुशहाल होता है, वो देश तरक्की करता है. रोहिताश्व शर्मा ने खुद को जोशी बताते हुए कहा कि अगर यही हालात रहे तो नेताओं को हटाकर प्रदेशों में चेहरे देने का काम चला तो यूपी की सत्ता सरकार के हाथ से चली जाएगी. देश के जिन राज्यों में सरकार ने नेताओं को हटाकर दूसरे लोगों के हाथों में सत्ता सौंप दिया है. उन राज्यों से सरकार को सत्ता गंवानी पड़ी है. उन्होंने महाराष्ट्र सहित कई राज्यों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से देश में राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री का चेहरा है. उसी तरह से प्रदेश स्तर पर भी एक नेता का चेहरा होता है. जनता उसी को पसंद करती है और वो सरकार चलाता है.

बीजेपी से निकाले जाने पर कही ये बात

बीजेपी से छह साल के लिए निष्कासित होने के बाद पहली बार अलवर पहुंचे रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि मुझे साजिश करके पार्टी से निकाला गया है. उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि हमने वसुंधरा रसोई शुरू की थी.  प्रदेश अध्यक्ष को शायद यह हजम नहीं हुआ क्योंकि वे खुद को प्रदेश का भावी मुख्यमंत्री मान चुके हैं. तो उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं से बयानबाजी करवाई. इस दौरान प्रवक्ता को जवाब में एक गोधरा कांड का उदाहरण दिया तो केंद्रीय नेतृत्व को भड़काकर और मेरी बात के वीडियो पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को अलग तरीके से दिखाए गए. रोहिताश्व ने दावा किया कि हमेशा बीजेपी में रहूंगा और वसुंधरा मंच के साथ मिलकर काम करूंगा, जनता के बीच जाऊंगा.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मनमानी चली

उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा जैसी रिकॉर्डिंग चलाई गई. बीजेपी में सभी को समान अधिकार है. पार्टी के नेताओं की समस्याएं भी यहां सुनी जाती हैं.  रोहिताश्व ने आगे कहा कि कोरोना काल में अलवर में न तो कोई मंत्री आया और ना ही प्रदेश अध्यक्ष आए. पार्टी के कार्यकर्ता अकेले रहे. इस दौरान सरकार के अधिकारी, कांग्रेस पार्टी के नेताओं की मनमानी चली. लोगों को बेड, दवा और अन्य जरूरी चीजों के लिए भी परेशान होना पड़ा. प्रदेश अध्यक्ष अभी तक एक बार भी अलवर नहीं आए हैं. इसके बाद पार्टी आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष से उनके कार्यक्रम की जानकारी मांगी इसका बदला लेने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने मेरे खिलाफ साजिश रची.

गहलोत सीएम नहीं होते गिर गई होती सरकार 

रोहिताश्व शर्मा ने कहा कि अगर प्रदेश में अशोक गहलोत मुख्यमंत्री नहीं होते तो कांग्रेस की सरकार कब की गिर गई होती. गहलोत के सभी पार्टियों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं. गहलोत को सभी लोगपसंद करते हैं. गौरतलब है कि रोहिताश्व शर्मा की बयानबाजी के चलते बीजेपी की सरकार चर्चा में हैं. उन्होंने कहा कि अब वे किसी से नहीं डरते.  किसी को भी सजा दिए जाने से पहले एकबार उसको सुना भी जाता है. अपनी बात रखना चाहता था लेकिन मौका नहीं मिला. तीन साल प्रदेश अध्यक्ष बनने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं बन सकता है.

 

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