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जयपुर: मेयर पद पर BJP की सौम्या गुर्जर के निर्वाचन का मामला पहुंचा कोर्ट, लगा ये आरोप

सौम्या गुर्जर पहले भी विवादों में रही हैं, इससे पहले सौम्या को वसुंधरा सरकार के दौरान महिला आयोग का सदस्य बनाया था मगर एक रेप पीड़िता के साथ सेल्फी खींचकर सोशल मीडिया पर डालने की वजह से इस्तीफा देना पड़ा था.

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मेयर सौम्या गुर्जर.(फोटो-फेसबुक)
मेयर सौम्या गुर्जर.(फोटो-फेसबुक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पिंकी यादव ने लगाया सौम्या गुर्जर पर आरोप
  • पहले भी विवादों में रही हैं सौम्या गुर्जर

जयपुर ग्रेटर नगर निगम के मेयर पद पर सौम्या गुर्जर के चुनाव का मामला कोर्ट पहुंच गया है. मेयर चुनाव को लेकर जयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दायर की गई है. सौम्या गुर्जर के खिलाफ चुनाव हारने वाली पिंकी यादव ने आरोप लगाया है कि सौम्या गुर्जर ने गलत ढंग से पार्षद का चुनाव जीता है और उसके बाद मेयर पद पर गलत तरीकों से काबिज हुई हैं.

इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील अजय जैन का कहना है सौम्या करौली जिले के देवरी गाँव से वोटर हैं जहाँ वोटिंग लिस्ट में उनका नाम है मगर वहाँ से नाम हटाए बिना ही वह पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए यहाँ से सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से नाम जुड़वा लिया और उसके बाद चुनाव जीत कर मेयर बन गईं. .

एडवोकेट अजय जैन के मुताबिक नियम के अनुसार पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है. सौम्या गुर्जर का नाम करौली ज़िले में है ऐसे में जयपुर से चुनाव लड़ना गलत था और नियम के अनुसार वहां से नाम हटाए बिना यहां से वह चुनाव नहीं लड़ सकतीं. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि तथ्यों को छुपाकर सौम्या गुर्जर BJP के टिकट पर पार्षद बनी हैं और फिर BJP की तरफ से जयपुर ग्रेटर नगर निगम के मेयर बनी.

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बता दें कि वार्ड नंबर 87 से पिंकी यादव को सौम्या गुर्जर ने 1082 वोटों से हराया था. सौम्या पहले भी विवादों में रही हैं, इससे पहले सौम्या को वसुंधरा सरकार के दौरान महिला आयोग का सदस्य बनाया था मगर एक रेप पीड़िता के साथ सेल्फी खींचकर सोशल मीडिया पर डालने की वजह से इस्तीफा देना पड़ा था.

 

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