राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी के विधायकों के कांग्रेस में विलय करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है और इसपर सवाल खड़े किए गए हैं. अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में बयान दिया है. सीएम का कहना है कि अगर भारतीय जनता पार्टी चार सांसदों का मर्जर करवाती है तो वो सही और हमने करवाया तो गलत कैसे हो गया.
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का चाल चरित्र कहां गया, मैं पूछना चाहता हूं. बता दें कि टीडीपी के चार राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी में विलय कर लिया था, जिसको लेकर अशोक गहलोत ने सवाल पूछा. राजस्थान के सीएम ने कहा कि राज्यसभा में अगर विलय ठीक है तो यहां विधानसभा में गलत कैसे हो गया.
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आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद जब कांग्रेस पर बहुमत का संकट था, तब बसपा के 6 विधायकों ने कांग्रेस में विलय कर लिया था. विधानसभा स्पीकर की ओर से इसे मंजूरी दी गई थी और ये मान्य हो गया था. लेकिन बीते दिनों मचे सियासी घमासान के दौरान बसपा की ओर से अपने विधायकों के लिए एक व्हिप जारी किया गया. इस व्हिप में कांग्रेस के खिलाफ वोट करने को कहा गया.
हालांकि, कांग्रेस में आ चुके बसपा विधायकों ने कहा कि अब वो कांग्रेस का हिस्सा हैं और अशोक गहलोत ही उनके नेता हैं, ऐसे में बसपा का विलय उनपर मान्य नहीं होता है. इसी मामले को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जिसपर बागी विधायकों और स्पीकर को नोटिस दिया गया है, जिसपर 11 अगस्त को अगली सुनवाई होनी है.
विधानसभा का सत्र 14 अगस्त से शुरू हो रहा है, ऐसे में राजस्थान में सियासी हलचल बढ़ी है. यही कारण है कि कांग्रेस अपने गुट को बढ़ा रही है और मजबूत करने में जुटी है.