राजस्थान के अलवर में पहलू खान के बाद अब रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है. गोरक्षकों के बाद अब पुलिस पर मारपीट जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिसके बाद मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं. लेकिन इस पूरे केस में राजस्थान सरकार पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.
1. पहला सवाल: पुलिस कितने बजे मौके पर पहुंची और जब मौके पर पहुंची तब क्या हो रहा था?
पुलिस ने बताया कि रात 12:40 बजे पर उसे सूचना मिली थी. ऐसे में सुबह के 4:00 बजे घायल रकबर खान को लेकर अस्पताल क्यों गई?
2. दूसरा सवाल: घटनास्थल से अस्पताल की दूरी मात्र 6 किलोमीटर की है, तो क्या 6 किलोमीटर की यात्रा 4 घंटे में की?
3. तीसरा सवाल: रकबर खान की अस्पताल में साफ-सुथरा पहुंचा. जबकि खुद ही पुलिस कह रही है कि वह कीचड़ से सना था. गाड़ी में बैठाने से पहले रकबर खान को पुलिस ने नहलाया था ताकि गाड़ी गंदी नहीं हो?
4. चौथा सवाल: खुद बीजेपी के विधायक सवाल उठा रहे हैं कि जनता को खुश करने के लिए पुलिस ने भी जनता के साथ रकबर खान की पिटाई शुरू कर दी थी. इसमें कितनी सच्चाई है?
5. पांचवा सवाल: मौके पर जो प्रत्यक्षदर्शियों मौजूद था, उसका कहना है कि घटना के बाद रकबर थाने में ही था. तो क्या सुबह तक रकबर खान को कोई इलाज नहीं मिला?
6. छठा सवाल: क्या पुलिस ने गाय को गोशाला में पहले पहुंचाया और रकबर खान को अस्पताल में बाद में पहुंचाया?
7. सातवां सवाल: डीएसपी ने रकबर खान को गोतस्कर करार दे दिया था. यानी घटना के 4 घंटे बाद ही रकबर खान को पुलिस ने आरोपी मान लिया था.
8. आठवां सवाल: बीजेपी विधायक ने कहा था कि हमारे कार्यकर्ताओं ने थोड़ी-बहुत पिटाई की थी, उसके बाद पुलिस ने भी पीटा. तो क्या मारने वाले बीजेपी कार्यकर्ता थे?
9. नवां सवाल: दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस आरोपियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई है?
10. दसवां सवाल: पुलिस जांच से पहले ही राजस्थान के गृहमंत्री पुलिस को क्लीन चिट दे रहे हैं. इस पर जांच पर भरोसा कैसे किया जाए?
गौरतलब है कि अलवर में रामगढ़ थाना क्षेत्र के लालवंडी गांव में गो तस्करी के आरोप में कुछ कथित गोरक्षकों ने रकबर खान नामक एक शख्स की पिटाई की थी. जिसके बाद वहां पुलिस पहुंची थी और बाद में अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी.