पंजाब के जिला तरनतारन में जहरीली शराब के मामले में अकाली दल के नेता और कार्यकर्ता लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन इस दौरान कोरोना संकट से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की जा रही है. अकाली दल के पूर्व विधायक और जिला अध्यक्ष विरसा सिंह वल्टोहा ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ तरनतारन के कस्बा खेमकरण में प्रदर्शन किया था और जमकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई. यह घटना शुक्रवार की है.
असल में, तरनतारन के कस्बा खेमकरण में सैकड़ों की तादाद में अकाली दल के कार्यकर्ता जहरीली शराब मामले में कांग्रेस के विधायक का घेराव करने में लगे हुए हैं. शुक्रवार को तरनतारन के कस्बा खेमकरण से कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर का घेराव करते हुए शिरोमणि अकाली दल के जिला अध्यक्ष विरसा सिंह वल्टोहा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रास्ता बंद कर पंजाब सरकार और कांग्रेस विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
इस दौरान पूर्व विधायक ने पुलिस को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब उनकी सरकार आएगी तो वह पुलिस अधिकारियों को देख लेंगे. इस धरना प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने धज्जियां उड़ाई. ऐसे कई अकाली कार्यकर्ता थे जिन्होंने मास्क नहीं पहना था.
वहीं पुलिस ने पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा और उनके बेटे गौरव दीप सिंह वल्टोहा के अलावा 1081 अकाली कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोरोना वायरस महामारी में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाने और मास्क न पहनने के आरोप में मामला दर्ज किया है.
तरनतारन डीएसपी राजवीर सिंह का कहना है कि अकाली दल के नेता प्रदर्शन करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं. पुलिस कानून के अनुसार अपना हर काम करती है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाता.
(जेपी सिंह के इनपुट के साथ)