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'कुछ लोग भारत छोड़कर सिंगापुर और जापान की यात्रा पर निकल गए', CM योगी आदित्यनाथ के दौरे पर अखिलेश यादव की टिप्पणी

सपा प्रमुख अखिलेश ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर शंकराचार्य पर दर्ज एफआईआर और यूपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर-जापान यात्रा पर सवाल उठाते हुए इसे 'मनसुख-पर्यटन' बताया और क्योटो जाने की सलाह दी. गलगोटिया यूनिवर्सिटी की चूक को भी सरकार की जिम्मेदारी बताया. अखिलेश ने कहा कि महागठबंधन एकजुट है और आगामी चुनावों में बीजेपी को कड़ी चुनौती देगा. वहीं, योगी निवेश आकर्षित करने के लिए विदेश दौरे पर जा रहे हैं.

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अखिलेश यादव ने CM के दौरे पर तंज कसा है. (Photo: ITG)
अखिलेश यादव ने CM के दौरे पर तंज कसा है. (Photo: ITG)

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य पर दर्ज एफआईआर और उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विदेश यात्रा पर भी सवाल उठाए.

अखिलेश यादव ने कहा, 'कुछ लोग भारत छोड़कर सिंगापुर और जापान की यात्रा पर निकल गए हैं. हमारे धर्म के सबसे पूजनीय शंकराचार्य पर झूठा मुकदमा लगाना दुख की बात है.' उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की.

गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर की टिप्पणी
सपा प्रमुख ने एआई समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ी चूक पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था और इसे सरकार की गलती बताया. उनके मुताबिक, जिम्मेदारी लेने के बजाय सरकार कांग्रेस पर आरोप मढ़ रही है.

इसके साथ ही अखिलेश यादव ने महागठबंधन को लेकर भरोसा जताया और कहा कि विपक्षी दल एकजुट हैं तथा आगामी चुनावों में बीजेपी को कड़ी चुनौती देंगे.

क्योटो भी चले जाइएगा
अखिलेश यादव ने हाल ही में सीएम की जापान यात्रा पर कटाक्ष किया था. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब जापान जा ही रहे हैं तो क्योटो भी देख आएं, ताकि समझ सकें कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र काशी क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया और उसकी विरासत किन कारणों से प्रभावित हुई. उन्होंने यह भी कहा कि जापान से शहरों के संरक्षण और विकास का सकारात्मक अनुभव लेकर लौटना चाहिए.

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अंतिम वर्ष में इतनी बड़ी पढ़ाई-लिखाई कर पाना मुश्किल
अखिलेश यादव ने आगे तंज कसते हुए लिखा कि कार्यकाल के अंतिम वर्ष में इतनी बड़ी पढ़ाई-लिखाई कर पाना मुश्किल है और यह दौरा ज्यादा 'मनसुख-पर्यटन' जैसा लगता है. उन्होंने व्यंग्य में कहा कि यदि मुख्यमंत्री इसे स्वीकार कर लें तो कम से कम एक सच्ची बात के लिए उन्हें याद रखा जाएगा. साथ ही उन्होंने 'वनस्पति के विशेष अध्ययन' वाले बयान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका फायदा क्या सिर्फ व्यक्तिगत रहेगा या करीबी लोगों तक भी पहुंचेगा.

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर जा रहे हैं. नौ साल के कार्यकाल में यह उनकी दूसरी विदेश यात्रा होगी. इससे पहले 2017 में वे सीमित अवधि के लिए म्यांमार गए थे. इस बार राज्य में निवेश बढ़ाने और आधुनिक बुनियादी ढांचे को गति देने के उद्देश्य से यह यात्रा तय की गई है.

ANI से इनपुट सहित

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