पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) भाजपा के काम में बाधा डाल रही है, जो केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत लोगों को शामिल करने के लिए राज्यभर के विभिन्न गांवों में पहुंच रही है.
बीजेपी ने दावा किया कि ज़िला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने भाजपा के 39 केंद्रों को बंद कर दिया. इतना ही नहीं, जालंधर, पटियाला समेत कई क्षेत्र के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया.
पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने जोर देकर कहा कि बीजेपी ने पंजाब के 1500 गांवों में 1444 कैंप आयोजित करने की योजना बनाई थी, ताकि गरीबों, महिलाओं और किसानों सहित विभिन्न वर्गों को केंद्र की योजनाओं से जोड़ा जा सके, लेकिन AAP सरकार ने 39 कैंप जबरन रोक दिए और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. अश्विनी शर्मा ने कहा कि ये बिल्कुल बेतुका है कि अगर बीजेपी जमीनी स्तर पर लोगों को उनके अधिकार बताने की कोशिश कर रही है, तो AAP को इससे आपत्ति हो रही है.
AAP का पलटवार
AAP विधायक कुलदीप धालीवाल ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता केंद्र सरकार की योजनाओं का राजनीतिक दुरुपयोग कर रहे हैं और उन्हें स्वतंत्र रूप से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि अगर कोई केंद्रीय योजना है तो उसे राज्य सरकार के जरिए लागू होना चाहिए, न कि सीधे बीजेपी कार्यकर्ताओं के माध्यम से. AAP विधायक ने आरोप लगाया कि बीजेपी इन कैंपों के जरिए लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के बहाने वोट मांग रही है, जिसे वह अनुचित मानते हैं.
पुलिस का बयान
इस बीच पंजाब पुलिस ने इन कैंपों को 'अनधिकृत'बताया है. पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे आधार जैसी निजी जानकारी अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा न करें और इसके बजाय सरकारी सुविधा केंद्रों या अधिकृत ऑनलाइन पोर्टलों के जरिए ही योजनाओं का लाभ उठाएं. पुलिस ने कहा कि शिकायतों के आधार पर संभावित डेटा के दुरुपयोग और धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए जांच टीमें सभी जिलों में गठित कर दी गई हैं. पुलिस ने कहा कि सरकार की योजनाओं के नाम पर व्यक्तिगत डेटा एकत्र करने वाले अनधिकृत कैंपों की जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी.