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सिर पर पगड़ी, कमर में कृपाण... जींस-पैंट में रहने वाले अमृतपाल ने यूं बदला गेट अप

खालिस्तान समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ के चीफ अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी शनिवार शाम से मोगा के रोड़ेवाल गुरुद्वारे में छिपा हुआ था. इसके बाद उसे रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया गया.

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जींस में रहने वाले अमृतपाल ने बदला गेटअप
जींस में रहने वाले अमृतपाल ने बदला गेटअप

पंजाब पुलिस ने 36 दिनों के बाद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मोगा में रोड़ेवाल गुरुद्वारे से अमृतपाल को पकड़ा है. कभी जींस-पैंट में दिखने वाले अमृतपाल की गिरफ्तारी के समय की फोटो सामने आई है, जिसमें वह सिर पर पगड़ी, कमर में कृपाण और नंगे पैर यानी पूरी तरह निहंग की वेशभूषा में दिखाई दे रहा है. 

सफेद कपड़ों में को गुरुद्वारे के बाहर खड़ा हुआ देखा जा सकता है. उसने ऑरेंज कलर की पगड़ी पहनी हुई है और कमर में कृपाण लटकाए हुए है. इसके अलावा गले में सफेद गमछा भी लटकाए हुए है. अमृताल ने पैर में जूता-चप्पल नहीं पहने हैं. वह नंगे पैर खड़ा हुआ है. उसके आस-पास सादे ड्रेस में खड़े हुए लोग देखे जा सकते हैं. अनुमान के मुताबिक, ये पुलिसकर्मी भी हो सकते हैं. इससे पहले अमृतपाल को नीली पगड़ी में देखा गया था. 


 

फाइल फोटो


 

पुलिस ने ट्वीट कर दी जानकारी 

पंजाब पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि अमृतपाल सिंह को मोगा से गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही पुलिस ने लोगों को किसी भी तरह की अफवाह से बचने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है. इससे पहले बताया गया था कि अमृतपाल ने मोगा के रोड़ेवाल गुरुद्वारे में सरेंडर किया है. 

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फाइल फोटो


 

गिरफ्तारी से पहले गुरुद्वारे में प्रवचन

अमृतपाल सिंह ने गिरफ्तारी से पहले रोड़ेवाल गुरुद्वारे में प्रवचन भी दिया, जिसमें वह कह रहा है कि ये अंत नहीं शुरुआत है. गुरुद्वारे में उपदेश के बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर किया. बताया जा रहा है कि अमृतपाल शनिवार की शाम से ही गुरुद्वारे में छिपा हुआ था. जिसकी सूचना पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह की ओर से पुलिस की दी गई थी. अमृतपाल को रविवार की सुबह 7 बजे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उसे बठिंडा एयरपोर्ट से फ्लाइट के जरिए असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजा गया है. 

अमृतपाल पर क्यों हो रही कार्रवाई? 

अमृतपाल सबसे पहले 23 फरवरी को चर्चा में आया था. उसने अजनाला पुलिस स्टेशन में अपने करीबी को छुड़ाने के लिए हजारों समर्थकों के साथ हमला बोल दिया था. इस हमले में 6 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे. इसके बाद उसने कई टीवी चैनलों में दिए इंटरव्यू में अलग खालिस्तान की मांग की थी. इतना ही नहीं अमृतपाल ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को भी धमकी दी थी. अमृतपाल की तुलना खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले से भी की जा रही है.  

दुबई में रहता था अमृतपाल सिंह 

अमृतपाल 2012 में दुबई में रहने चला गया था. वहां उसने ट्रांसपोर्ट का कारोबार किया. उसके ज्यादातर रिश्तेदार दुबई में रहते हैं. अमृतपाल ने शुरुआती शिक्षा गांव के ही स्कूल में पूरी की. उसने 12वीं तक पढ़ाई की है. अमृतपाल का नाम पिछले साल पंजाब के शिवसेना नेता सुधीर सूरी हत्याकांड में भी सामने आया था. सुधीर सूरी के परिवार ने हत्याकांड में अमृतपाल सिंह का नाम भी शामिल करने की मांग की थी. उसके बाद पुलिस ने अमृतपाल सिंह को मोगा के गांव सिंगावाला में नजरबंद कर दिया था. अमृतपाल जालंधर के विशाल नगर में कीर्तन के लिए रवाना होने वाला था, तभी पुलिस ने गुरुद्वारा के पास अमृतपाल को नजरबंद कर दिया था. 

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