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कुत्ते के काटने पर मोहल्ला क्लीनिक में मिलेगा मुफ्त इलाज, पंजाब में भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला

पंजाब में आम लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. अब कुत्ते के काटने पर इलाज के लिए न तो महंगे निजी अस्पतालों में जाना पड़ेगा और न ही सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगाने होंगे. भगवंत मान सरकार ने ऐलान किया है कि अब राज्य के मोहल्ला क्लीनिकों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन बिल्कुल मुफ्त मिलेगा.

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भगवंत मान सरकार ने कुत्ते के काटने पर मुफ्त इलाज का किया ऐलान (Photo: PTI)
भगवंत मान सरकार ने कुत्ते के काटने पर मुफ्त इलाज का किया ऐलान (Photo: PTI)

पंजाब में आम जनता की सेहत को लेकर मान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. अब कुत्ते के काटने जैसी आपात स्थिति में भी लोगों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में महंगी फीस नहीं चुकानी पड़ेगी और न ही बड़े सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ेंगे. राज्यभर के मोहल्ला क्लीनिकों में अब एंटी-रेबीज इंजेक्शन पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा.

इलाज को बनाया हर नागरिक का अधिकार

पंजाब सरकार ने कहा है कि यह सिर्फ एक नई सेवा नहीं, बल्कि सरकार के उस वचन का हिस्सा है जिसमें कहा गया था कि इलाज अब हर नागरिक का हक है, जिम्मेदारी सरकार की होगी. अब तक यह सुविधा केवल जिला या उपमंडल स्तर के अस्पतालों में सीमित थी, लेकिन अब मोहल्ला क्लीनिकों को इस स्तर तक मजबूत किया गया है कि वहां इमरजेंसी हालात का भी इलाज संभव हो सके.

निजी अस्पतालों की तुलना में बड़ी राहत

निजी अस्पतालों में यही एंटी-रेबीज इंजेक्शन 350 से 800 रुपये प्रति डोज में मिलता है, और पूरा टीकाकरण कोर्स 2000 से 4000 रुपये तक का हो जाता है. अब यह पूरा इलाज मोहल्ला क्लीनिक में एक रुपया खर्च किए बिना मिलेगा.

यह भी पढ़ें: 'पंजाब में 13 हजार अत्याधुनिक स्टेडियमों का निर्माण होगा', सीएम भगवंत मान का ऐलान

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पूरे राज्य में फ्री टीकाकरण अभियान

आम आदमी पार्टी की सरकार पूरे प्रदेश में एक चरणबद्ध फ्री टीकाकरण अभियान भी शुरू कर रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति समय पर इलाज से वंचित न रह जाए. राज्यभर में इस समय 880 से अधिक आम आदमी क्लीनिक काम कर रहे हैं, जिनमें से 565 गांवों में और 316 शहरों में खोले जा चुके हैं. इनका दायरा लगातार तेजी से बढ़ाया जा रहा है. 

मुफ़्त डॉक्टर काउंसलिंग और जांच सुविधाएं

अब इन क्लीनिकों में पहले से ही मुफ्त डॉक्टर काउंसलिंग, 107 अधिक आवश्यक दवाइयां और 100 से ज्यादा जांच उपलब्ध हैं. इनमें डायग्नोस्टिक, टाइफाइड, एचबीए1सी, हेपेटाइटिस, डेंगू, एचआईवी, गर्भावस्था जांच और सभी प्रकार के अल्ट्रासाउंड फ्री में उपलब्ध हैं. इलाज पाने वालों में 56 फीसदी महिलाएं, 44 फीसदी पुरुष हैं. 25 फीसदी बुजुर्ग और 18 फीसदी बच्चे शामिल हैं. 

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