पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने वाले कुछ 'संदिग्ध' श्रद्धालु इंटेलीजेंस ब्यूरो के रडार पर हैं. एजेंसी ने गुरदासपुर के पुलिस अधीक्षक को चिट्ठी लिख कर चार लोगों की जानकारी भेजी है जो इस साल जनवरी में करतारपुर साहिब गए थे. ये चिट्ठी 17 फरवरी 2020 को लिखी गई थी.
पंजाब के मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने इस चिट्ठी के बारे में गुरुवार को पंजाब विधानसभा को बताया. चिट्ठी में लिखा है कि "ये निम्नलिखित भारतीय नागरिक कॉरिडोर के रास्ते गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब गए थे. पूछताछ के दौरान उन्होंने तीर्थ का जो मकसद बताया, वो संतोषजनक नहीं था. कुछ भी अहम हो तो वो हमारे साथ साझा कीजिए."
इन चार लोगों पर है आईबी की नजर
इंटेलीजेंस ब्यूरो ने जिनसे पूछताछ की है उनमें गुरदासपुर का रंजीत सिंह भी शामिल है. रंजीत 25 जनवरी को करतारपुर साहिब गया था. आईबी की चिट्ठी के मुताबिक "रंजीत ने पाकिस्तान के सैनिकों और इमिग्रेशन स्टाफ के पेशेवर बर्ताव की तारीफ की."
गुरदासपुर के ही ददवान का रहने वाला सुखदीप सिंह भी 25 जनवरी को करतारपुर साहिब गया था. पाकिस्तानी एजेंसियों की तारीफ करने की वजह से उससे भी पूछताछ की गई. सुखदीप बेरोजगार है और गुरदासपुर कॉलेज में एमएससी का छात्र है.
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गुरदासपुर के कलानौर का रहने वाला प्रभजोत सिंह 23 जनवरी को करतारपुर साहिब गुरुद्वारा गया था. वो इससे पहले भी 23 नवंबर 2019 को करतारपुर साहिब जा चुका है. दो महीने में दो बार जाने की वजह से वो रडार पर है.
चौथे शख्स जिससे आईबी अधिकारियों ने पूछताछ की है वो गुरदासपुर के भिखरिवाल का रहने वाला है. वो 23 जनवरी को करतारपुर साहिब गया था. ये शख्स बेरोजगार है कनाडा में बसने की ख्वाहिश रखता है.
आप और अकाली दल ने विधानसभा में उठाया मुद्दा
इस मुद्दे पर गुरुवार को पंजाब विधानसभा में हंगामा हुआ. आम आदमी पार्टी और अकाली दल ने श्रद्धालुओं का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है. दोनों विपक्षी पार्टियों के विधायकों ने सदन से वाकआउट किया. साथ ही श्रद्धालुओं का उत्पीड़न करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
पंजाब के डीजीपी गुप्ता के बयान पर भी हुआ हंगामा
पंजाब विधानसभा में नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने श्रद्धालुओं से पूछताछ को पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता के हाल में दिए गए एक बयान से जोड़ा. चीमा ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से सफाई देने की मांग भी की.
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दिनकर गुप्ता ने अपने बयान में आशंका जताई थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को कट्टर बनाने की कोशिश कर सकती है क्योंकि वो 5 से 6 घंटे पाकिस्तान में बिताते हैं. हालांकि गुप्ता ने सिख समुदाय की ओर से उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किए जाने पर माफी मांग ली थी.