सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले होशियारपुर के वकील की जमानत को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है. हाई कोर्ट ने वकील प्रितपाल सिंह को दी गई अंतरिम जमानत को रद्द किया है.
प्रितपाल सिंह पर सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली पोस्ट शेयर करके हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है. अशोक शरीन द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर जमानत रद्द की गई है.
अशोक शरीन बीजेपी मीडिया प्रभारी हैं. प्रितपाल सिंह पर होशियारपुर पुलिस ने धारा 295 ए, 153 ए और 595 (2) के तहत केस दर्ज किया था. इससे पहले 16 जुलाई को आरोपी को अंतरिम जमानत मिल गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने 22 जुलाई को मामले में दोबारा सुनवाई की.
बता दें कि इस मामले में सेशन जज भी प्रितपाल सिंह की जमानत याचिका को खारिज कर चुके हैं. इसके बाद मामला हाई कोर्ट में पहुंचा था और यहां भी कोर्ट ने सेशन जज के फैसले को बरकरार रखा.
शिवसेना और अन्य धार्मिक संस्थाओं ने इस मामले में वकील प्रितपाल को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. साथ ही इनकी मांग यह भी थी कि अश्लील कमेंट करने वाले प्रितपाल सिंह के हक में बोलने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जाए.
बता दें कि मामले के संज्ञान में आते ही अशोक सरीन ने पंजाब पुलिस के डी. जी. पी. दिनकर गुप्ता को अवगत करवाया था, जिसके बाद हिन्दू देवताओं पर आपत्तिजनक भाषा लिखने वाले वकील प्रितपालजीत पर मामला दर्ज हुआ था.