
राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने कहा है कि उन्हें गद्दार कहने वालों से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने पंजाब की राज्य सभा सीट कितने मे बेची थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्स पर एक कमेंट का जवाब देते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि वे बताएं कि किसको कितना चढ़ावा गया था और किसकी तरफ से. हरभजन सिंह ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि एक राजनीतिक दल ने मेरे घर के बाहर पुतला जलाया और गद्दार लिखा. उन्होंने कहा कि उन्हें इस देश की जनता तय करेगी कि उन्हें कैसे याद किया जाए.
क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में आए हरभजन सिंह ने कुछ ही दिन पहले आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी और वे बीजेपी में शामिल हो गए. हरभजन सिंह को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा था.
हरभजन सिंह से इसी मसले पर एक्स पर देवेन्दर यादव नाम के एक शख्स ने पूछा-जिस लीडर को आप दिन रात भला बुरा बोलते हो. उसकी दी गई राज्यसभा सीट से इस्तीफा क्यों नहीं दिया? पंजाब के 800 से ज्यादा किसान भाइयों की मौत की जिम्मेदार भाजपा में जाना आपकी कौन सी मजबूरी थी? आपके जमीर की कीमत कितनी लगाई आपने?
सांसद हरभजन सिंह ने एक्स पर इस शख्स को जवाब देते हुए लिखा, "समय आने पर आपकी हर बात का जवाब दिया जाएगा. और मैं आपके किसी लीडर को गाली नहीं दी. अपनी जुबान क्यों गंदी करूं मैं. और मुझे गद्दार कहने वालों पहले अपने लोगों से पूछो पंजाब की राज्य सभा सीट कितने में बेची थी. अगर ना बताए तो मैं आपको बताऊंगा किसको कितना चढ़ावा गया था और किसकी तरफ से. और कैसे किसको मंत्री संतरी बनाया गया पंजाब को लूटने के लिए और लाला को माल पहुंचाने के लिए. पंजाब को लूट खा गए."

एक दूसरे यूजर को जवाब देते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि, "दीदी राजनीतिक पार्टी ने ही मेरे घर के बाहर पुतला जलाया और गद्दार लिखा. कॉमन लोग तो ऐसे काम नहीं करते. किसने निर्देश दिए थे पार्टी के लोगों को यह सब काम करे."

हरभजन सिंह ने कहा कि इस देश ने मुझे बहुत प्यार दिया है. 20 साल देश का नाम ऊंचा किया खेल के मैदान में. और आपके लोगों को लगता है वो कोई टैग लाए तो वो लगा रहेगा. ये सिर्फ उनकी घटिया सोच दर्शाती है. चलें इस देश के लोगों को तय करने दें वे मुझे कैसे याद करना चाहते हैं. अगर कोई पेड ट्रोलर मेरे बारे में कुछ बकवास लिखता है तो मैं इसकी परवाह नहीं करता.
पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह 2022 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और पंजाब से राज्यसभा सांसद बने. अप्रैल 2026 में जब AAP में बड़ी फूट पड़ी तो उन्होंने राघव चड्ढा, स्वाती मालीवाल समेत 7 राज्यसभा सांसदों के साथ पार्टी छोड़ दी.