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'देश की सुरक्षा के लिए खतरा है ड्रोन', अधिकारी बोले- नष्ट करने की तकनीक नहीं

पंजाब पुलिस के मुखिया दिनकर गुप्ता का कहना है कि ड्रोन उड़ाना मुश्किल काम नहीं है, न ही ड्रोन खरीदना. ये छोटा उड़नखटोला आसानी से इंटरनेट पर मिल रहा है.

ड्रोन ड्रोन

  • ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे हथियार और नशे की खेप
  • खतरनाक विस्फोटक भी ड्रोन के जरिए लाने की आशंका

पंजाब में बैठे नशा और हथियार तस्कर पिछले तीन-चार महीनो से ड्रोन उड़ाकर पाकिस्तान भेज रहे हैं. पाकिस्तान से ड्रोन, नशे और हथियारों की खेप लेकर भारत उतरते हैं लेकिन मजे की बात है कि सरहद पर तैनात बीएसएफ और पंजाब पुलिस को उसकी कानोंकान खबर नहीं होती.

पंजाब पुलिस के मुखिया दिनकर गुप्ता का कहना है कि ड्रोन उड़ाना मुश्किल काम नहीं है, न ही ड्रोन खरीदना. ये छोटा उड़नखटोला आसानी से इंटरनेट पर मिल रहा है. पिछले गुरुवार को अंबाला से गिरफ्तार किए गए आरोपी राहुल चौहान ने ओएलएक्स नाम की वेबसाइट से खराब ड्रोन खरीदा और उसे ठीक करवा कर दोबारा उसी साइट पर बेचा और जो पैसा आया उससे एक बड़ा ड्रोन खरीद कर पंजाब के ड्रग तस्कर को बेचा.

पंजाब पुलिस के आला अधिकारी ड्रोन को देश की सुरक्षा के लिए खतरा तो मान रहे हैं, लेकिन उनको गिराने और पकड़ने के लिए पुलिस के पास न तो तकनीक ना ही जरूरी उपकरण मौजूद हैं.

पुलिस और बीएसएफ सोती रही

हाल ही में गिरफ्तार किए गए स्मगलरों ने पिछले दो-तीन महीनों के दौरान पांच से छह बार ड्रोन उड़ाए. कुछ प्रयास असफल भी हुए, लेकिन उन्होंने ड्रोन उड़ाकर पाकिस्तान से हथियार और ड्रग्स मंगवाई और ड्रोन वापस देश की धरती पर सुरक्षित उतर भी गए, पुलिस और बीएसएफ सोती रही.

पुलिस फिलहाल अमृतसर की उस जगह का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जहां से ड्रोन उड़ाए और उतारे गए. पुलिस प्रमुख दिनकर गुप्ता ने माना है कि ड्रोन की आवाजाही देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है, जिस तरह से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है उसी तरह ड्रोन का इस्तेमाल विस्फोटक भेजने के लिए भी किया जा सकता है.

ड्रोन को नष्ट करने की तकनीक नहीं

पंजाब पुलिस प्रमुख ने स्वीकार किया है कि पंजाब पुलिस के पास फिलहाल ड्रोन को नष्ट करने की कोई तकनीक मौजूद नहीं है. हालांकि, वह दावा कर रहे हैं कि इस तकनीक को हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जब तक यह तकनीक और उपकरण पुलिस या बीएसएफ के पास नहीं पहुंचते तब तक ड्रोन भारतीय सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं.

गौरतलब है कि पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई और खालिस्तानी आतंकवादी संगठन पंजाब में आतंकवाद के जिन्न को फिर से जिंदा करने की फिराक में है. जिन ड्रोंस का इस्तेमाल ड्रग्स और हथियार भेजने के लिए किया जा रहा है, उनके जरिए कोई शक्तिशाली विस्फोटक पदार्थ भी भेजा जा सकता है.

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हालांकि, पंजाब पुलिस प्रमुख ने कहा है कि अभी तक इस्तेमाल में लाए गए ड्रोन सिर्फ दो से तीन किलोमीटर तक ही उड़ान भर सकते हैं, लेकिन उनका यह भी मानना है कि ज्यादा शक्तिशाली ड्रोन ज्यादा दूरी तक का सफर भी तय कर सकते हैं, बल्कि ज्यादा भार भी उठा सकते हैं.

पंजाब में अब तक ड्रोंस के जरिए हथियारों और ड्रग्स की समग्लिंग के तीन मामले सामने आ चुके हैं. पिछले साल अगस्त और सितंबर माह में तस्करी के लिए इस्तेमाल में लाए गए दो ड्रोन बरामद किए गए थे. दो और ड्रोंस की बरामदगी पिछले हफ्ते की गई है. पिछले साल के दो मामलों में ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से उड़ाए गए थे, लेकिन पिछले दो महीने में ड्रोन भारत से उड़ाए गए.

उधर ड्रोंस की बरामदगी के बाद पंजाब पुलिस हरकत में आई है. विभाग ने असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पांच टीमें गठित करने का फैसला किया है. सरहदी जिलों पठानकोट और फिरोजपुर में बंद पड़े बंकर और जंगल छाने जा रहे हैं, ताकि छिपाए गए ड्रोन और असामाजिक तत्वों के अड्डों की जानकारी मिल सके.

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