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जेल में बंद अमृतपाल सिंह फिर पहुंचे हाईकोर्ट, संसद के बजट सत्र में शामिल होने की मांग

पंजाब में खडौर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह ने 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसदीय सत्र में शामिल होने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. NSA के तहत डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल का कहना है कि संसद में मौजूद रहना उनके और उनके मतदाताओं के मौलिक अधिकारों से जुड़ा मामला है.

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अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में हैं. (File Photo)
अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में हैं. (File Photo)

पंजाब के खडौर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के आगामी बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी है. इसके लिए उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो रहा है और इस याचिका पर 22 जनवरी को सुनवाई हो सकती है. सरकार की तरफ से भी कोर्ट में जवाब दाखिल किया जा सकता है.

अमृतपाल सिंह इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं. उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि वह 19 लाख से ज्यादा लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं. ऐसे में संसद में जाकर अपने क्षेत्र की बात रखना उनका संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने अनुच्छेद 14, 19 और 21 का हवाला दिया है.

यह भी पढ़ें: संसद सत्र में जाने की इजाजत नहीं, अमृतपाल सिंह को पैरोल देने से पंजाब सरकार का इनकार

अमृतपाल सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव जेल में रहते हुए लड़ा था. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों से हराया था. इसके साथ ही वह देश के पहले ऐसे सांसद बने, जो जेल में बंद रहते हुए चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे. हालांकि जीत के बाद भी वह किसी भी संसद सत्र में मौजूद नहीं रह पाए हैं.

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अमृतपाल सिंह खालिस्तान समर्थक हैं

वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल पर कई गंभीर आरोप हैं. उन्हें खालिस्तान समर्थक कहा जाता है. इनमें पुलिस पर हमला, हथियार तस्करी और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़े मामले शामिल हैं. फरवरी 2023 में दर्ज दो FIR के बाद उन पर NSA लगाया गया, जिसे कई बार बढ़ाया जा चुका है.

अमृतपाल के बाहर रहने से राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा

इससे पहले अमृतपाल की पैरोल, संसद सत्र में शामिल होने और गणतंत्र दिवस परेड से जुड़ी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं. सरकार का कहना है कि अगर उन्हें बाहर आने की अनुमति दी गई तो इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है. दिसंबर 2025 में सरकार ने इसी आधार पर पैरोल से इनकार किया था.

यह भी पढ़ें: तरन-तारन उपचुनाव में अमृतपाल सिंह अहम फैक्टर, जेल में रहते हुए भी बने प्रासंगिक

अगर हाईकोर्ट से अमृतपाल सिंह को राहत मिलती है, तो संसद के भीतर पंजाब से जुड़े मुद्दों पर बहस तेज हो सकती है. इनमें खालिस्तान, किसानों के सवाल, नशे की समस्या और जल विवाद जैसे विषय शामिल हो सकते हैं. अब सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है

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