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थोक महंगाई दर 11 साल के उच्चतम स्तर पर, सियासत में सन्नाटा क्यों?

थोक महंगाई दर 11 साल के उच्चतम स्तर पर, सियासत में सन्नाटा क्यों?

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ ही खाने की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. खाद्य तेलों के दाम इस महीने बढ़कर पिछले एक दशक के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं. एक समय था, जब महंगाई के कारण दिल्ली की सरकार गिर गई थी, लेकिन वही महंगाई की अभी कहीं चर्चा तक नहीं है. राजनीति के गलियारे में महंगाई की कोई चर्चा नहीं कर रहा. मजबूरी का नाम मंहगाई क्यों बन गया. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.

Along with the rising prices of petrol and diesel, the skyrocketing food prices have broken the back of the common man. Edible oil prices have risen this month to a decade high. There was a time when the government of Delhi had fallen due to inflation, but the same inflation is not even discussed anywhere. No one is discussing inflation in the corridors of politics. Why did the name of compulsion become inflation? Watch ground report.

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