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'शहीद दिवस' पर ममता का नेशनल प्लान, गुजरात में भी LCD स्क्रीन पर दिखाया जाएगा भाषण

दिल्ली में इस कार्यक्रम को एलसीडी स्क्रीन के जरिए दिखाया जाएगा जहां टीएमसी के सांसद मौजूद रहेंगे. गुजरात के भी 32 जिलों में ममता बनर्जी के भाषण का एलसीडी स्क्रीन लगाकर प्रसारण का इंतजाम टीएमसी की ओर से किया जा रहा है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटोः पीटीआई) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटोः पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुजरात के 32 जिलों में एलसीडी स्क्रीन पर प्रसारित होगा ममता का भाषण
  • दिल्ली में अन्य दलों के नेताओं को भी कार्यक्रम के लिए दिया गया निमंत्रण

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में जीत से उत्साहित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (mamata banerjee) की नजरें अब राष्ट्रीय राजनीति पर हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की किलेबंदी को ध्वस्त कर मिली जबरदस्त जीत से उत्साहित ममता अब राष्ट्रीय राजनीति पर काम कर रही हैं. इसके लिए योजना भी बना ली गई है. ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने राष्ट्रीय राजनीति के लिए जो योजना बनाई है उसके लिए दिन चुना गया है 21 जुलाई का. 21 जुलाई 1993 को जब ममता यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष थीं तब पुलिस की गोली से प्रदर्शन कर रहे पार्टी के 13 कार्यकर्ता मारे गए थे. इसकी याद में ममता हर साल शहीद दिवस के रूप में मनाती हैं.

शहीद दिवस के इस कार्यक्रम को बंगाल के अलावा गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा और दक्षिण भारत में भी बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाने की तैयारियां चल रही है. दिल्ली में भी बड़े कार्यक्रम की तैयारी है. दिल्ली में इस कार्यक्रम को एलसीडी स्क्रीन के जरिए दिखाया जाएगा जहां टीएमसी के सांसद मौजूद रहेंगे. गुजरात के भी 32 जिलों में ममता बनर्जी के भाषण का एलसीडी स्क्रीन लगाकर प्रसारण का इंतजाम टीएमसी की ओर से किया जा रहा है. दिल्ली के आयोजन में दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं को भी बुलाया जाएगा. ऐसा पहली बार हो रहा है जब टीएमसी शहीद दिवस के आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप देने की कोशिश में है.

टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इस संबंध में कहा कि अन्य दलों के नेताओं को आमंत्रण भेजने का काम शुरू हो गया है. संसद में कई पार्टियों के नेताओं से अनौपचारिक बातचीत भी हुई है. 21 जुलाई को दूसरी पार्टी से शामिल होनेवाले नेताओं की सूची प्रकाशित की जाएगी. यह पहला अवसर होगा जब ममता बनर्जी अपने संबोधन में काफी समय तक हिंदी में वक्तव्य देंगी. इस संबंध में टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि गुजरात मोदी का राज्य नहीं, देश का हिस्सा है. वहां कोई भी सियासी दल कार्यक्रम आयोजित कर सकता है. हम भी कर रहे हैं.

सौगत बोले- संगठन को मजबूत करना चाहते हैं

सौगत रॉय ने कहा कि हम संगठन को मजबूत करना चाहते हैं. टीएमसी की आइडियोलॉजी का देशभर में प्रसार हमारा लक्ष्य है. गुजरात समेत देशभर में 21 जुलाई को ममता बनर्जी के संबोधन का प्रसारण इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है. गौरतलब है कि 21 जुलाई 1993 को कोलकाता में पुलिस फायरिंग में युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ता मारे गए थे. उस वक्त ममता युवा कांग्रेस की नेता थीं और उन्हीं के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन चल रहा था. ममता बनर्जी तब से हर साल मारे गए कार्यकर्ताओं की याद में शहीद दिवस मनाती हैं.

बीजेपी ने सीएम ममता बनर्जी पर किया तंज

बीजेपी ने टीएमसी के शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर ममता बनर्जी पर तंज किया है. ममता के भाषण को गुजरात से लेकर यूपी, दिल्ली और त्रिपुरा में प्रसारित किए जाने की योजना पर बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने चुटकी ली. अर्जुन सिंह ने कहा कि ममता प्रधानमंत्री बनना चाहती हैं और पीके की एजेंसी के जरिए ये प्रोग्राम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बाहरी बताया था, उसी तरह ममता भी अन्य राज्यों के लिए बाहरी हैं. बता दें कि टीएमसी पहले ही यह साफ कर चुकी है कि अब उसकी नजरें राष्ट्रीय राजनीति पर हैं.

(सौमेन कर्माकर के इनपुट के साथ)

 

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