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मंत्री से लेकर नेता सदन तक... थावर चंद गहलोत के गवर्नर बनने से चार अहम पद हुए खाली

केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत (Cabinet Minister Thawar Chand Gehlot) को कर्नाटक का राज्यपाल (Karnataka Governor) बना दिया गया है. अब थावर चंद गहलोत की ओर से संभाले जा रहे चार अहम पद खाली हो गए हैं.

थावर चंद गहलोत (फाइल फोटो-PTI) थावर चंद गहलोत (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • थावर चंद गहलोत बने कर्नाटक के गवर्नर
  • संभाल रहे थे मंत्री समेत चार अहम पद

मोदी कैबिनेट के विस्तार (Modi Cabinet Expansion) से पहले केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत (Cabinet Minister Thawar Chand Gehlot) को कर्नाटक का राज्यपाल (Karnataka Governor) बना दिया गया है. इस फैसले के बाद थावर चंद गहलोत की ओर से संभाले जा रहे चार अहम पद खाली हो गए हैं.

बीजेपी के बड़े दलित नेताओं में शुमार थावर चंद गहलोत, केंद्र सरकार में सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री के साथ राज्यसभा सदस्य, राज्यसभा में नेता सदन और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य भी हैं. राज्यपाल बनने के बाद थावर चंद गहलोत को यह सभी चारों पद छोड़ना पड़ेगा.

गहलोत बोले- ईमानदारी से निभाऊंगा दायित्व

कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने के बाद थावर चंद गहलोत ने आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि अभी तक जो भी जिम्मेदारी मुझे दी गई, उन सबको महत्वपूर्ण माना है और आज भी जो जिम्मेदारी मिली है, वह और भी महत्वपूर्ण है, इसको मैं ईमानदारी से कठिन परिश्रम करते हुए निभाऊंगा.

थावर चंद गहलोत ने कहा कि मैंने सामाजिक न्याय मंत्रालय और दिव्यांगों के लिए काफी महत्वपूर्ण काम किए हैं, यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हुआ है, विभाग को जीवंत और सक्रिय बनाया, केंद्र से अब राज्यपाल बनाए जाने का अनुभव अच्छा है, जो दायित्व मिला है उसे संवैधानिक मर्यादा में रहते हुए निभाएंगे.

कौन हैं थावर चंद गहलोत

73 वर्षीय थावर चंद गहलोत का जन्म मध्य प्रदेश के एक दलित परिवार में हुआ. वह राज्यसभा के सदस्य हैं, संसद के ऊपरी सदन में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं. 1996 से 2009 तक वह शाजापुर लोकसभा सीट से जीतते रहे. 2012 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था. 2014 में मोदी सरकार बनते ही उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया था.

थावर चंद गहलोत लगातार 7 साल से सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय संभाल रहे हैं. 2019 में उनका कद बढ़ाते हुए राज्यसभा में नेता सदन भी बना दिया गया था. इसके साथ ही वह बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य भी हैं. यह पार्लियामेंट्री बोर्ड ही प्रत्याशियों के चयन जैसे अहम फैसले लेती है.

 

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