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तमिलनाडु के मंत्री बोले- बिहारियों के पास दिमाग नहीं होता, लालू यादव को लेकर कही ये बात

तमिलनाडु के मंत्री और द्रमुक नेता केएन नेहरू ने एक ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि बिहारियों के पास ज्यादा दिमाग नहीं होता, फिर भी तमिलों से नौकरियां छीनकर उन्हें दी गईं. उन्होंने ये भी कहा कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे तो उन्होंने बिहारियों को नौकरियों पर रख लिया.

मंत्री केएन नेहरू के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. (फाइल फोटो-ट्विटर) मंत्री केएन नेहरू के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. (फाइल फोटो-ट्विटर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मंत्री केएन नेहरू का विवादित बयान
  • बोले- बिहारियों ने नौकरियां छीन लीं
  • लालू को लेकर भी कही विवादित बात

तमिलनाडु के मंत्री और द्रमुक नेता केएन नेहरू (KN Nehru) ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बिहारियों के पास ज्यादा दिमाग नहीं होता, फिर भी तमिलों की नौकरियां छीनकर उन्हें दे दी गईं. इतना ही नहीं, उन्होंने लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) को लेकर भी विवादित बात कही है. उन्होंने कहा कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तो उन्होंने बिहारियों को नौकरियां दे दीं. 

त्रिची स्थित द्रमुक (DMK) ऑफिस में हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने ये बात कही. उन्होंने कहा कि बिहारी और बाकी उत्तर भारतीय लोगों ने तमिलों से नौकरियां छीनीं और वो बैंक और दूसरी जगह काम कर रहे हैं, जबकि उन्हें न ही अंग्रेजी आती है और न ही तमिल. उन्होंने ये भी कहा कि बिहारी तमिलों से ज्यादा होशियार नहीं होते. 

केएन नेहरू ने ये बयान 25 जुलाई को दिया था, लेकिन अब उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 

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नेहरू ने कहा, "लालू प्रसाद यादव जब रेल मंत्री थे तो उन्होंने रेलवे में बिहारियों को भर दिया. खासतौर से लोअर लेवल की नौकरियों में, भले ही बिहारियों के पास तमिलों से कम दिमाग है."

उन्होंने आगे कहा, "बिहार के 4 हजार से ज्यादा त्रिची के गोल्डन रॉक वर्कशॉप में काम कर रहे हैं. रेलवे फाटकों पर भी ज्यादातर गेटकीपर्स बिहारी ही हैं. ये सब लालू प्रसाद यादव के कारण है. जब वो रेल मंत्री थे, तो उन्होंने सभी बिहारियों को रेलवे एग्जाम में पास करवा दिया और रेलवे की नौकरियों पर रख लिया. ये लो न तमिल जानते हैं और न ही हिंदी और इनके पास तमिलों जैसा दिमाग भी नहीं है. फिर भी ये लोग तमिलनाडु में काम कर रहे हैं."

द्रमुक सरकार हमेशा से सरकारी नौकरियों में तमिलनाडु के लोगों को प्राथमिकता देने की बात करती रही है. लेकिन केएन नेहरू के इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. 

 

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