scorecardresearch
 

कोरोना पर मोहन भागवत ने की सरकार की तारीफ, कहा- भारत में कम नुकसान हुआ

विजयादशमी के मौके पर नागपुर स्थित संघ मुख्यालय से संघ के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि विश्व के अन्य देशों की तुलना में हमारा भारत संकट की इस परिस्थिति में अधिक अच्छे प्रकार से खड़ा हुआ दिखाई देता है. भारत में इस महामारी की विनाशकता का प्रभाव बाकी देशों से कम दिखाई दे रहा है, इसके कुछ कारण हैं.

नागपुर में विजयादशमी के कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत (फोटो-ट्विटर) नागपुर में विजयादशमी के कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत (फोटो-ट्विटर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'कोरोना से भारत में कम नुकसान हुआ'
  • सरकार पहले सतर्क हो गई-मोहन भागवत
  • 'उच्चतम कर्तव्य बोध के साथ लोग सेवा में जुटे'

विजयादशमी के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कोरोना महामारी से निपटने में नरेंद्र मोदी सरकार के प्रयासों की तारीफ की है और कहा है कि दुनिया के मुकाबले भारत में इस बीमारी से भारत में कम नुकसान हुआ है. 

नागपुर स्थित संघ मुख्यालय से संघ के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि विश्व के अन्य देशों की तुलना में हमारा भारत संकट की इस परिस्थिति में अधिक अच्छे प्रकार से खड़ा हुआ दिखाई देता है. भारत में इस महामारी की विनाशकता का प्रभाव बाकी देशों से कम दिखाई दे रहा है, इसके कुछ कारण हैं. 

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत ने सारी परिस्थिति में कोरोना से होने वाला नुकसान भारत में कम है. भारत ने कोरोना के बारे में पहले से अनुमान लगाया और शासन-प्रशासन ने नियम लागू किया और उपाय भी बताया. प्रशासन ने ये तय किया इन उपायों पर अमल हो ये भी सुनिश्चित किया. 

संघ प्रमुख ने कहा कि कोरोना के प्रभावों के बारे में बढ़ा चढ़ाकर बताया गया, इसका एक लाभ ये हुआ कि जनता अतिरिक्त सावधान रही और उसका नुकसान कम हुआ. 

देखें: आजतक LIVE TV 

संघ प्रमुख ने कहा कि कोरोना काल में डॉक्टर, सफाईकर्मी, नर्स उच्चतम कर्तव्यबोध के साथ सेवा में जुट गए. लोग बिना आह्ववान के सेवा में जुट गए. लोग अपनी तो चिंता कर रही रहे थे, दूसरों की भी चिंता कर रहे थे. जो पीड़ित थे वे अपनी पीड़ा भूलकर दूसरों की सेवा में लग गए, ऐसे कई उदाहरण सामने आए. उन्होंने कहा कि दूसरे की जरूरत ज्यादा अहम है, स्वतंत्रता संग्राम के बाद ये पहली बार देखने को मिला. शासन-प्रशासन और जनता ने समाज के लिए मिलकर काम किया. महिलाएं भोजन पहुंचाने लगीं, मास्क बनाने लगी. 

संघ प्रमुख ने कहा कि इस सेवा भाव को अंग्रेजी में सोशल कैपिटल कहा जाता है, लेकिन हमारे यहां तो ये गुण सहज है. मोहन भागवत ने कहा कि बाहर से आने के बाद हर बार हाथ धोने जैसे स्वच्छता के नियम हम भूलते जा रहे, लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान एक आदतें एक बार फिर से हमारी जिंदगी में शामिल हो गई. 

कोरोना संक्रमण के दौरान बीमारी की चपेट में आकर जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे हुत्माओं को वे हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें