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गरीबों-किसानों से मुफ्त बिजली का हक छीनना चाहती है सरकार: असदुद्दीन ओवैसी

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि कई राज्य किसानों को मुफ्त बिजली देती हैं, बिल इसे बदलना चाहता है और किसानों को बिजली के लिए उच्च दर का भुगतान करवाना चाहता है. मैंने मई में इस बिल के खिलाफ लिखा था.

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी (File Photo-PTI) एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी (File Photo-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नए बिजली बिल को लेकर बवाल
  • विरोध में किसान से लेकर विपक्ष

दिल्ली और आसपास बॉर्डर पर डटे किसानों का विरोध तीन कृषि कानूनों के अलावा प्रस्तावित बिजली बिल को लेकर भी है. इस बिल की मुखालफत विपक्ष भी कर रहा है. एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि इस बिल को लेकर सरकार जो दावा कर रही है, सच्चाई उसके विपरित है.

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि बिजली बिल के जरिए क्रॉस सब्सिडी से दूर करने का प्रस्ताव है. कई राज्य सरकारें किसानों को मुफ्त बिजली देती हैं, प्रस्तावित बिजली बिल इसे बदलना चाहता है और किसानों को बिजली के लिए उच्च दर का भुगतान करवाना चाहता है. मैंने मई में इस बिल के खिलाफ लिखा था.

ओवैसी ने कहा कि वर्तमान में गरीब परिवार अनुदानित दरों का भुगतान करते हैं और इसकी लागत औद्योगिक / वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं से वसूल की जाती है. अब, भाजपा किसानों, गरीब लोगों और अन्य घरेलू उपयोगकर्ताओं को बड़े व्यवसायों के समान भुगतान कराना चाहती है.

आपको बता दें कि किसान बिजली बिल का विरोध कर रहे हैं. किसान यूनियनों का कहना है कि अगर यह बिल कानून बन जाता है तो वे मुफ्त बिजली की सुविधा खो देंगे. उनके मुताबिक ये संशोधन बिजली के निजीकरण को बढ़ावा देगा और पंजाब में किसानों को दी जाने वाली मुफ्त बिजली सुविधा बंद करा देगा. 

 

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