Om Birla ओम बिरला एक बार फिर लोकसभा के स्पीकर बन गए हैं. बुधवार को उन्हें ध्वनिमत से स्पीकर चुना गया. बता दें कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने राजस्थान के कोटा से तीसरी बार सांसद ओम बिरला को अपना प्रत्याशी बनाया था, जो चुनाव जीत चुके हैं. वहीं, विपक्षी INDIA ब्लॉक ने केरल के मवेलीकारा से 8 बार सांसद कोडिकुन्निल सुरेश को मैदान में उतारा था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में अपने कैबिनेट का परिचय कराया. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने इमरजेंसी की निंदा की और इसे देश के इतिहास का एक काला अध्याय बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने इस दौर में ऐसे कई कार्य किए जिन्होंने संविधान की भावनाओं को कुचलने का काम किया. स्पीकर ने इस दौर में संविधान संशोधनों का जिक्र करते हुए कहा कि न्यायपालिका पर नियंत्रण हो और सारी शक्तियां एक व्यक्ति के पास आ जाए. इमरजेंसी तानाशाही की भावना से बड़ी चुनौतियों को लेकर आई. यह ऐसा कालाखंड है जो संविधान के ढांचे और न्यायिक स्वतंत्रता की आवश्यकता की याद दिलाता है. जब हम इमरजेंसी के 50वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, ये सभा बाबा साहब के बनाए हुए संविधान की रक्षा की भावना को दोहराती है. हम संवैधानिक संस्थाओं में भारत के लोगों की आस्था की सराहना करते हैं.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने पहले ही संबोधन में इमरजेंसी की निंदा की. उन्होंने कहा कि सदन आपातकाल की निंदा करता है. आपातकाल भारत के इतिहास में एक काला धब्बा है. उन्होंने इस दौरान सदन में 2 मिनिट का मौन भी रखवाया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में अपनी कैबिनेट का सदन से परिचय करा रहे हैं.
ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे फिर से इस महान सदन के पीठासीन अधिकारी का दायित्व निर्वहन का अवसर प्रदान किया, इसके लिए आभार प्रकट करता हूं. ये 18वीं लोकसभा में दुनिया के सबसे बड़े लोतंत्र का उत्सव है. इस उत्सव में भौगोलिक विविधताएं, प्रतिकूल मौसम और उस मौसम में भी 64 करोड़ मतदताओं ने भाग लिया, मैं उनको भी धन्यवाद करता हू. निर्वाचन आयोग ने एक मत के लिए भी जो प्रयास किया, उसके लिए धन्यवाद करता हूं. पीएम मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनी है. एक दशक में जनता की इच्छाएं, आकांक्षाएं बढ़ी हैं. 18वीं लोकसभा नए विजन, नए संकल्प की सभा होनी चाहिए. चिंतन और नूतन विचार की सभा होनी चाहिए. पक्ष-विपक्ष की मर्यादित सहमति-असहमति हो. मैं इस अवसर पर पूर्व पीठासीन अधिकारी को भी स्मरण करना चाहता हूं जिन्होंने अपनी कार्यकुशलता से इस सदन की गरिमा को प्रतिष्ठा देने का पूरा प्रयास किया. मुझे भी पांच साल अवसर मिला और मैंने कोशिश की है कि सबको पर्याप्त अवसर मिले. मुझे प्रन्नता है कि इस लोकसभा में 281 सदस्य पहली बार चुनकर आए हैं, मैं उनको बधाई देता हूं. वे अपने वरिष्ठ सहयोगियों के अनुभवों का लाभ उठाकर परंपराओं का पालन करेंगे. कई विधेयक भी पारित हुए, जिसका हम वर्षों तक इंतजार कर रहे थे. उन्होंने नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित होने का जिक्र करते हुए कहा कि ये वर्ष संविधान निर्माण की यात्रा का 75 वां वर्ष है. स्पीकर ने संविधान निर्माताओं के प्रत्येक बिंदु पर गहन चर्चा विमर्श कर संविधान बनाने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि हम ऐसी नीतियां बनाएं जिससे अंतिम व्यक्ति के जीवन में कल्याण हो सके. संविधान दिवस मनाने की परंपरा शुरू करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया और नो योर कॉन्स्टीट्यूशन के लिए भी पीएम मोदी का धन्यवाद किया.
स्पीकर ने कहा कि संसद सभी पक्षों के विचार वाली सभा है. सभी पक्षों का विचार यहां आना चाहिए. मुझे आशा है कि जहां असहमति होगी, आप जोर से असहमति व्यक्त करेंगे. सरकार से भी आशा रहेगी कि विपक्ष से जो सुझाव आएं, उन्हें विधेयक में शामिल करे. मेरी कोशिश होगी कि सबकी सहमति से सदन चलाऊं. एक दल का एक व्यक्ति हो, उसको भी पर्याप्त समय मिले क्योंकि उनको भी जनता ने चुनकर भेजा है. आप सबका मत, विचार सदन में आए और मैं निष्पक्ष रूप से सदन का संचालन कर सकूं.निर्बाध सदन चले, ये मेरी आपसे अपेक्षा रहेगी. बार-बार आग्रह करता हूं कि सदन में गतिरोध नहीं होना चाहिए. वेल में आना सदन की परंपरा नहीं है. मेरी कोशिश रहेगी कि संसदीय मर्यादा का पालन करना मेरी जिम्मेदारी है और मैं इसका पालन करूंगा. मैं कभी भी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहता लेकिन करना पड़ता है. मेरी कोशिश रहेगी कि उच्च कोटि का संवाद हो. हमें जनता ने संसद में भेजा है संवाद के लिए. आप सब संसद का गौरव बढ़ाने के लिए सर्वोच्च प्रयास करेंगे. स्पीकर ने प्ररोटेम स्पीकर के साथ ही लोकसभा सचिवालय के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया.
जनसेना पार्टी के बालाशोरी वल्लभनेनी, निर्दलीय सांसद राजेश रंजन पप्पू यादव, भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रौत ने स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी.
आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद ने भी ओम बिरला को स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी. नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने कहा कि आपकी एक ही पार्टी है संविधान. आपको पी 20 के लिए याद नहीं किया जाएगा. आपको याद किया जाएगा कि आपने ट्रेजरी बेंच को कितना मजबूर किया गया विपक्ष का सुनने के लिए. उन्होंने अनुच्छेद 370 का मुद्दा भी उठाया और कहा कि एक मिनट में यह बिल लाया गया और पारित कर दिया गया. इस पर ओम बिरला ने कहा कि इनको ज्ञान नहीं है. उस पर साढ़े नौ घंटे तक डिबेट हुई थी.
आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी और कहा कि मुझे उम्मीद है कि आप सदन की स्वतंत्रता बनाए रखेंगे. स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से संक्षेप में अपनी बात रखने की अपील करते हुए कहा कि आपको जो भी बात कहनी है, राष्ट्रपति के अभिभाषण में आपको पर्याप्त समय मिलेगा.
असदुद्दीन ओवैसी ने ओम बिरला को बधाई दी और कहा कि उम्मीद है कि आप छोटी पार्टियों को आवाज का मौका देंगे. इस हाउस का कैरेक्टर बदल चुका है. अब बीजेपी स्टीम रोल नहीं कर पाएगी. मुझे उम्मीद है कि सरकार डिप्टी स्पीकर बनाकर आपका बोझ कम रहेगी.
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के मोहम्मद बशीर, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर ने भी फिर से स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी. उन्होंने कहा कि एक छोटे से राज्य की छोटी सी पार्टी का इकलौता मेंबर जो चौथी बार सदन में पहुंची है. उन्होंने नाम लिए बिना कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को घेरना शुरू ही किया था कि स्पीकर ने टोक दिया. ओम बिरला ने कहा कि भाषण बाद में.
आरजेडी के अभय कुमार सिन्हा ने स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी और ये उम्मीद जताई कि नए सदस्यों को संरक्षण मिलता रहेगा. अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल ने ओम बिरला को बधाई दी और फिल्म बंदिनी के गीत 'ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आ जाना...' का जिक्र किया और कहा कि हम सभी ने बड़े भारी मन से विदाई दी थी और आप लौटकर आए हैं, हम सभी आपका अभिनंदन करते हैं. आपसे पहले 18 अध्यक्षों में महज पांच ऐसे अध्यक्ष रहे हैं जिन्हें दूसरी बार अध्यक्ष बनने का सौभाग्य मिला लेकिन इनमें से किसी भी अध्यक्ष ने 10 साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया. हमें उम्मीद है कि आप यह रिकॉर्ड कायम करेंगे और लोकसभा के इतिहास में यह आपकी स्थायी विरासत होगी. हम सभी सांसद यहां केवल अपने अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन आप पक्ष-विपक्ष दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं. आपने निष्पक्ष अध्यक्ष की छवि गढ़ी है.
शिवसेना के एसी बारने ने स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और मोदी सरकार में मंत्री चिराग पासवान ने स्पीकर ओम बिरला को बधाई दी और कहा कि जहां चुनाव लड़ना था, हम लड़ चुके. अब सबकी जिम्मेदारी है कि अपने क्षेत्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है. उन्होंने विपक्ष को कई राज्यों में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का पद उन्हीं के पास होने का हवाला देते हुए नसीहत भी दी कि एक अंगुली उठाओगे तो आपकी ओर भी कई उंगलियां उठेंगी. एनसीपी के सुनील तटकरे ने भी ओम बिरला को स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी.
सुप्रिया सुले ने कोविड काल में हर सांसद का खयाल रखने और उस दौर में हाउस चलाने के लिए स्पीकर ओम बिरला की तारीफ की. उन्होंने कहा कि पांच साल में बहुत अच्छा काम किया लेकिन जब हमारे 150 लोग सस्पेंड हुए, तब बहुत दुख हुआ. अगले पांच साल सस्पेंशन के बारे में न सोचें.
डीएमके सांसद टीआर बालू ने ओम बिरला को फिर से स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी. टीडीपी के देवरायलु, जेडीयू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी ओम बिरला को फिर से स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी. शिवसेना यूबीटी ने स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई देते हुए पीएम मोदी की ओर से पारित हुए कानूनों का भी जिक्र किया. शिवसेना यूबीटी सांसद अरविंद गणपति सावंत ने कहा कि एक कानून इस सदन ने तब पारित किया जब हम सस्पेंड थे- चुनाव आयुक्त का. उन्होंने किसानों की दुर्दशा, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं का भी जिक्र किया. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलिएगा.
टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी और एक दिन में 140 सांसदों के निष्कासन की याद दिलाई. इस पर विपक्षी सांसदों ने शेम शेम के नारे भी लगाए. उन्होंने ये भी कहा कि आसन सत्ताधारी दल के दबाव में न आए, जैसा पहले हुआ है जो अनुभव कहता है. शिवसेना के एसी बारने ने स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी.
अखिलेश यादव ने स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई देते हुए कहा कि निष्पक्षता इस महान पद की महान जिम्मेदारी है. लोकसभा स्पीकर के रूप में आप सबको बराबर मौका देंगे. आपका अंकुश विपक्ष पर तो रहता ही है, आपका अंकुश सत्तापक्ष पर भी रहे. आपके इशारे पर सदन चले, इसका उल्टा न हो. किसी भी जनप्रतिनिधि का निष्कासन जैसा न हो. किसी भी जनप्रतिनिधि की आवाज नहीं दबाई जानी चाहिए. आपकी कुर्सी लोकतंत्र के मुख्य न्यायाधीश की तरह है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर निर्वाचित होने पर ओम बिरला को बधाई दी. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सरकार के साथ सहयोग करना चाहता है. सरकार के पास पॉलिटिकल पावर ज्यादा है लेकिन विपक्ष भी भारत का प्रतिनिधित्व करता है. हमें भरोसा है कि आप हमारी आवाज हमें उठाने देंगे. नविपक्ष की आवाज दबाना अलोकतांत्रिक है. विपक्ष आपकी पूरी मदद करेगा.
पीएम मोदी ने ओम बिरला के स्पीकर निर्वाचित होने के बाद कहा कि एक सांसद के रूप में आपकी कार्यशैली सभी सांसदों के लिए सीखने योग्य है. आपने स्वस्थ शिशु, स्वस्थ मां अभियान शुरू किया है जो प्रेरक है. गांव-गांव में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की कोशिश, गरीबों को कंबल, कपड़े, छाता, जूते ऐसी अनेक सुविधाएं खोज-खोज कर पहुंचाते हैं. 17वीं लोकसभा संसदीय इतिहास का स्वर्णिम कालखंड रहा है. आपकी अध्यक्षता में जो निर्णय हुए हैं, सदन के जरिए जो सुधार हुए हैं, वो आपकी भी और सदन की भी विरासत है. जब भविष्य में विश्लेषण होंगे तब लिखा जाएगा कि आपकी अध्यक्षता वाली 17वीं लोकसभा की बहुत बड़ी भूमिका रही है. पीएम मोदी ने भारतीय न्याय संहिता से लेकर मुस्लिम महिला विवाह संरक्षण विधेयक और नारी शक्ति वंदन विधेयक तक, 17वीं लोकसभा से पारित विधेयकों का जिक्र किया और कहा कि आपकी अध्यक्षता में 17वीं लोकसभा ने भविष्य की बुनियाद रखी है. उन्होंने आगे कहा कि देश भविष्य में इसका गौरव करेगा. भारत को आधुनिक बनाने की दिशा में जब हर तरफ से प्रयास हो रहे हैं, ये नया संसद भी आपकी अध्यक्षता में भविष्य को लिखने का कार्य करेगा. नए संसद भवन में हमारा प्रवेश भी आपकी अध्यक्षता मेें हुआ और आपने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जिससे लोकतंत्र को मजबूती देने में मदद मिली है. सभी सांसदों को ब्रीफिंग के लिए व्यवस्था दी और आवश्यक रेफरेंस मैटेरियल मिला. आपने अच्छी व्यवस्था को विकसित किया है जिससे सांसदों में ये विश्वास जगा कि मैं भी तर्क दे सकता हूं. जी20 की बहुत चर्चा हुई, पी20 में सर्वाधिक देश आपके निमंत्रण पर भारत आए. इसने विश्व में भारत की प्रतिष्ठा को गौरव देने में बहुत बड़ा रोल अदा किया है. ये भवन बस चार दीवारें नहीं, 140 करोड़ देशवासियों की आशा का केंद्र है. संसद की कार्यवाही, जवाबदेही और आचरण संसदीय प्रणाली को मजबूत बनाता है. 17वीं लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 25 साल के उच्चतम स्तर पर 97 फीसदी रही. आप विशेष अभिनंदन के अधिकारी हैं. कोरोनाकाल में हर सांसद को फोन कर हाल पूछा और किसी को भी बीमारी हुई तो व्यक्तिगत रूप से उसकी चिंता की. आपने जो फैसले किए, हम उस कठिन कालखंड में भी काम कर पाए. कोरोनाकाल में सदन में 170 परसेंट प्रोडक्टिविटी, ये दुनिया के लिए बहुत बड़ी खबर है. हम चाहते हैं कि सदन के नियमों का पालन सब करें. आपने कठोर निर्णय भी लिए हैं. मैं जानता हूं कि ऐसे नियम आपको पीड़ा भी देते हैं लेकिन आपने सदन की गरिमा को पसंद किया और पीड़ा को स्वीकार किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी बार स्पीकर चुने जाने पर ओम बिरला को बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा कि हम सबको विश्वास है कि आने वाले पांच साल आप हम सबका मार्गदर्शन करेंगे. हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि विनम्र और व्यवहार कुशल व्यक्ति सफल सदृश होता है. आपको तो मुस्कान भी मिली है. आपकी ये मीठी-मीठी मुस्कान हम सबको प्रसन्न करती आई है. दूसरी बार स्पीकर का कार्यभार मिलना, नए-नए रिकॉर्ड बनते देख रहे हैं. बलराम जाखड़ जी को पांच साल का कार्यकाल पूर्ण करने के बाद स्पीकर का दायित्व फिर से मिला था. इनके बाद आप हैं जिसे ये अवसर मिला है. आप जीतकर के आए हैं. नया इतिहास आपने गढ़ा है. हममें से ज्यादातर सांसद आपसे परिचित हैं. एक सांसद के रूप में आप जिस प्रकार से एक सांसद के नाते काम करते हैं, ये भी जानने और सीखने योग्य है.
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब, संसद के स्टाफ और सदस्यों का धन्यवाद किया.
ओम बिरला को स्पीकर चुने जाने के बाद नेता सदन नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी स्पीकर के आसन तक लेकर गए. ओम बिरला के आसन तक पहुंचने पर प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने कहा कि आपकी चेयर है, आप संभालें.
ओम बिरला को ध्वनिमत से लोकसभा का स्पीकर चुन लिया गया है.
अरविंद गणपति सावंत, सुप्रिया सुले, कनिमोझी ने स्पीकर के लिए केरल के कांग्रेस सांसद के सुरेश के नाम का प्रस्ताव किया.
स्पीकर के लिए ओम बिरला के नाम का गृह मंत्री अमित शाह, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी, जाधव प्रतापराव गणपत राव, चिराग पासवान, एचडी कुमारस्वामी, के राममोहन नायडू, आईके सुब्बा, अनुप्रिया पटेल ने स्पीकर पद के लिए ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव किया. शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी, सुनील तटकरे, जयंत वासुमातारी, लघुकृष्णा देवराई, फणीभूषण चौधरी, श्री किशन पाल ने ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव किया.
पीएम मोदी ने स्पीकर पद के लिए ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया. ललन सिंह ने भी ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखा. डॉक्टर राजकुमार सांगवान ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया.
प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब अपने आसन पर पहुंच गए हैं. जम्मू कश्मीर के निर्दलीय सांसद शेखर राशिद, पंजाब के अमृतपाल, दीपक देव अधिकारी समेत उन सांसदों का नाम पुकारा गया जो शुरुआती दो दिन की कार्यवाही में शपथ ग्रहण नहीं किए हैं. टीएमसी के दीपक देव अधिकारी ने शपथ ग्रहण कर ली है.
1. पहले प्रस्तावक अरविंद सावंत
2. आनंद बधोरिया दूसरे प्रस्तावक
3. सुप्रिया सुले तीसरी प्रस्तावक
ये करेंगे समर्थन
1. एनके परमचंद्रन
2. तारिक अनवर
3. कनिमोझी
लोकसभा स्पीकर चुनाव को लेकर सांसदों को डिविजन नंबर नहीं मिला है इसलिए वोटिंग मशीन के जरिए मतदान नहीं हो सकता. ऐसे में पर्चियों के जरिए मतदान होगा.
लोकसभा स्पीकर चुनाव को लेकर असहमति के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार के. सुरेश का समर्थन करने का ऐलान किया है.
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम सहमति में विश्वास करते हैं. हमारे पास संख्या है लेकिन हम सहमति चाहते हैं. हम कांग्रेस पार्टी से अपील करते हैं कि वह स्पीकर पद के लिए चुनाव नहीं लड़े. ये संख्याबल का मामला नहीं है. अगर चुनाव होगा तो हम इसके लिए भी तैयार हैं. हमें सर्वसम्मति से स्पीकर का चुनाव करना चाहिए.
टीएमसी संसदीय दल ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को स्पीकर के लिए वोटिंग पर अंतिम फैसला लेने का जिम्मा सौंपा है. टीएमसी ने के. सुरेश पर अपने 'एकतरफा' फैसले पर कांग्रेस आलाकमान के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की है. इसके बाद बाद राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से अभिषेक बनर्जी से संसद में बात की और बाद में ममता बनर्जी को फोन किया.
टीएमसी की चिंताओं को लेकर ममता की करीब 20 मिनट तक राहुल गांधी से बातचीत की. टीएमसी ने कांग्रेस के सामने यह बात दोहराई की इस तरह के किसी भी फैसले पर फैसला लेने से पहले उसे सभी INDIA ब्लॉक सदस्यों से सलाह लेनी चाहिए. इसके बाद, टीएमसी ने बैठक के लिए डेरेक और कल्याण बनर्जी को खड़गे के आवास पर भेजने का फैसला किया. अब टीएमसी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को सुबह 10:40 बजे पुराने संसद भवन में इकट्ठा होने का व्हिप जारी किया है.
(इनपुट: इंद्रजीत)
लोकसभा अध्यक्ष चुनाव को लेकर टीएमसी की बैठक चल रही है. सुदीप बंदोपाध्याय, कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और कुछ वरिष्ठ सांसद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं.
लोकसभा अध्यक्ष के लिए होने जा रहे चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस की चीफ और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात की. राहुल ने ममता बनर्जी से करीब 20 मिनट तक बात की. बता दें कि स्पीकर चुनाव के लिए सुबह 11 बजे वोट डाले जाएंगे.
लोकसभा स्पीकर चुनाव के पहले कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने पूछा है कि क्या टीडीपी और जेडीयू के सांसद आज स्पीकर चुनाव में विवेक के साथ वोट करेंगे? 8 बार सांसद रहे और दक्षिण भारत के दलित नेता को हमारे समर्थन की जरूरत है. बालायोगी गारू के बाद यह शख्स (के. सुरेश) हमारे समर्थन के हकदार हैं. इसलिए के सुरेश को वोट दें और सामाजिक न्याय के लिए खड़े हों.
लोकसभा में संख्याबल एनडीए के पक्ष में होने के साथ, ओम बिरला लगातार दूसरी बार स्पीकर बनने की रेस में विपक्षी उम्मीदवार के सुरेश से आगे नजर आ रहे हैं. ओम बिरला पहली बार 2014 में कोटा से लोकसभा सांसद बने थे. वह 2019 में दोबारा जीते और उन्हें सर्वसम्मति से 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था. वह कोटा से इस बार लगातार तीसरी बार सांसदी का चुनाव जीते हैं.
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने अपने 16 लोकसभा सदस्यों को स्पीकर चुनाव में एनडीए के ओम बिरला को वोट देने के लिए व्हिप जारी किया. तीन लाइन के व्हिप में, टीडीपी के अमलापुरम सांसद हरीश बालयोगी ने सभी सांसदों को सुबह 10:30 बजे तक कमरा नंबर 111-बी में इकट्ठा होने का निर्देश दिया है. टीडीपी, भाजपा और जनसेना के साथ आंध्र प्रदेश में एनडीए का हिस्सा है. बता दें कि तेलंगाना में NDA गठबंधन ने 21 लोकसभा सीटें जीतीं हैं, जिनमें टीडीपी की 16, जनसेना की दो और भाजपा की तीन सीटें शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11 बजे ओम बिरला को सदन का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पेश करेंगे. राजनाथ सिंह प्रस्ताव का समर्थन करेंगे. इसके बाद दूसरे मंत्री और एनडीए नेता भी प्रस्ताव पेश करेंगे.