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कर्नाटक: 65 BJP विधायकों की मांग- CM के खिलाफ बोलने वाले MLA पर हो एक्शन

कर्नाटक में सियासी उठापठक अब भी जारी है. पता चला है कि बीजेपी के 65 विधायकों ने एक लेटर पर साइन कर सीएम बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ बोलने वाले विधायकों और मंत्रियों पर कार्रवाई की मांग की है.

जुलाई 2019 में चौथी बार सीएम बने थे बीएस येदियुरप्पा (फाइल फोटो-PTI) जुलाई 2019 में चौथी बार सीएम बने थे बीएस येदियुरप्पा (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 65 बीजेपी विधायकों ने लेटर पर किए साइन
  • सीएम के खिलाफ बोलने वाले MLA पर एक्शन हो

कर्नाटक में चल रहा ' सियासी नाटक' अभी खत्म होता नहीं दिखाई दे रहा है. कई दिनों से वहां सीएम बीएस येदियुरप्पा को हटाने की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि, येदियुरप्पा खुद इस बात को नकार चुके हैं. अब बीजेपी के 65 विधायकों ने एक लेटर पर साइन कर उन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग है जिन्होंने सीएम के खिलाफ बातें कहीं.

बीजेपी विधायक और सीएम के सचिव रेणुकाचार्य ने ये अभियान चलाया है. इस लेटर पर 65 विधायकों ने दस्तखत कर दिए हैं और दावा किया है कि सीएम येदियुरप्पा अच्छा काम कर रहे हैं. बीजेपी विधायकों का साइन किया ये लेटर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह को भेजा जाएगा. बताया जा रहा है कि 10 दिन बाद अरुण सिंह बेंगलुरु दौरे पर आएंगे.

बीजेपी विधायक रेणुकाचार्य ने कहा, "सीएम के सपोर्ट में साइन किया हुआ लेटर मेरे पास ही है. मैं इसे छिपा नहीं रहा हूं. प्रदेश अध्यक्ष के लिए लेटर कन्नड़ भाषा में है, जबकि पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और दूसरे राष्ट्रीय पदाधिकारियों के लिए लेटर अंग्रेजी में लिखा गया है."

दरअसल, पार्टी में सीएम येदियुरप्पा का विरोध तेज हो गया था. ऐसी अटकलें शुरू हो गई थीं कि पार्टी येदियुरप्पा को सीएम पद से हटा सकती है. लेकिन अब येदियुरप्पा खुद बोल चुके हैं कि वो सीएम पद पर बने रहेंगे. उन्होंने रविवार को कहा था, "मैं सीएम पद पर बना रहूंगा. हाई कमांड ने मुझ पर भरोसा जताया है. जिस दिन हाई कमांड मुझसे मेरा इस्तीफा देने को कहेगा, मैं उस दिन उन्हें इस्तीफा सौंप दूंगा. तब तक मैं ही सीएम रहूंगा. मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि राज्य में मेरा कोई विकल्प नहीं है. मैं तभी तक सीएम हूं जब तक पार्टी को मुझ पर भरोसा है."

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कैसे शुरू हुआ था सीएम को लेकर विवाद?
बीएस येदियुरप्पा को लेकर कर्नाटक में अक्सर विवाद होते रहे हैं. मई 2018 में जब येदियुरप्पा को सीएम बनाया जा रहा था तब भी उनकी बढ़ती उम्र को लेकर उनका विरोध हुआ था. हालांकि, पार्टी ने इस बात को नजरअंदाज करते हुए येदियुरप्पा को ही सीएम बनाया. 

अभी जो विवाद शुरू हुआ है वो पिछले साल फंड एलोकेशन को लेकर हुई एक मीटिंग से शुरू हुआ है. पिछले साल जब विधानसभाओं में फंड एलोकेशन को लेकर एक इंटरनल मीटिंग हुई थी तो कुछ बीजेपी विधायकों ने सीएम येदियुरप्पा के खिलाफ जाकर बातें कही थीं. इसके बाद कैबिनेट विस्तार को लेकर भी सीएम के खिलाफ बगावत हुई. 

हाल ही में बीजेपी विधायक बसनगौड़ा यत्नाल ने पंचामशाली लिंगायतों को आरक्षण के मुद्दे को लेकर सीएम को घेरा था. कई मंत्री और विधायक कोविड मैनेजमेंट को लेकर भी येदियुरप्पा के खिलाफ बोल चुके हैं. 

जुलाई 2019 में चौथी बार सीएम बने थे येदियुरप्पा
78 साल के बीएस येदियुरप्पा ने 26 जुलाई 2019 को चौथी बार सीएम पद की शपथ ली थी. मई 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुमत से चूक गई थी लेकिन आनन-फानन में येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ तो ले ली थी लेकिन विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था. 

इसके बाद कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई और एचडी कुमारस्वामी सीएम बने. हालांकि, सालभर में जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायक बीजेपी में शामिल हो गए. इस कारण कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिर गई और 14 महीने बाद फिर येदियुरप्पा ने शपथ ली.

 

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