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किसान अपना अनाज कहां बेचे, बताए सरकार? राकेश टिकैत का बीजेपी सांसद से सवाल

किसान नेता ने कहा कि एमएसपी पर किसान कहां अनाज बेचेंगे, ये सरकार बता दे. सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है. एमएसपी सिर्फ कागज पर है. मंडी अनाज बेचने का एक प्लेटफॉर्म है, वह भाव तय नहीं करती है. बिहार में 16 साल पहले ही यह एक्ट हटा दिया गया था, लेकिन वहां के किसान कहां अमीर हो गए हैं?

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बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल से किसान नेता का सवाल (फोटो- आजतक) बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल से किसान नेता का सवाल (फोटो- आजतक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसान नेता ने फसलों के दाम ठीक करने को कहा
  • बीजेपी सांसद से पूछा कि कहां पर अनाज बेचें
  • सड़क खाली करने पर बोले- तैयार हैं हम

किसान नेता राकेश टिकैत इंडिया टुडे कॉन्क्लेव (India Today Conclave 2021) के 19वें संस्करण में पहुंचे. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर से फसलों के दाम को ठीक करने की बात कही. उन्होंने कहा कि हमलोग पिछले 11 महीनों से सड़क पर बैठे हैं. कोशिश है कि हमें फसलों के सही दाम मिल जाएं.

पीएम मोदी किसानों की दिक्कत पर कुछ नहीं बोलते हैं. वहीं बीजेपी सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने सांसद के अंदर भी किसानों के मुद्दे पर बात की है. लेकिन आज भी समझ नहीं आता कि किसानों को किस बात पर आपत्ति है. मुझे लगता है कि इनके आंदोलन की मंशा अलग है. शायद राजनीतिक हो सकती है.

किसान नेता ने कहा कि एमएसपी पर किसान कहां अनाज बेचेंगे, ये सरकार बता दे. सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है. एमएसपी सिर्फ कागज पर है. मंडी अनाज बेचने का एक प्लेटफॉर्म है, वह भाव तय नहीं करती है. बिहार में 16 साल पहले ही यह एक्ट हटा दिया गया था, लेकिन वहां के किसान कहां अमीर हो गए हैं? पीएम मोदी ने ही 2012 में बतौर सीएम देश के प्रधानमंत्री को एमएसपी लाने की वकालत करते हुए चिट्ठी लिखी थी. अब वह खुद प्रधानमंत्री हैं. तो अपने सुझाव पर ही अमल कर लें. 

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पीएम मोदी की प्रसिद्ध योजना है डिजिटल योजना. मैं कहता हूं किसानों को भी डिजिटल कर दो. वह डिजिटली अनाज बेचें और उन्हें डिजिटली पैसे मिल जाएं. वहीं बीजेपी सांसद ने कहा कि किसान कहीं भी अनाज बेच सकते हैं. वहीं किसान नेता पूछते रहे कि किसान कहां पर अनाज बेचें. 

और पढ़ें- India today conclave 2021: सेंट्रल विस्टा की जरूरत क्यों, क्या बोले प्रोजेक्ट के मुख्य वास्तुकार

राकेश टिकैत ने कहा कि दो तरह के लोग जमीन छोड़ रहे हैं. एक पढ़े-लिखे लोग, दूसरे वह लोग जिनको फसलों  के दाम नहीं मिलते हैं. दोनों कंडीशन में लोग जमीन छोड़ रहे हैं. पहले किसान अपना अनाज कहीं भी बेच सकता था लेकिन अब उनके लिए नियम हैं कि वह एक जगह 300 क्विंटल से ज्यादा अनाज नहीं बेच सकते. तो बाकी के अनाज वो फिर कब बेचेंगे और कहां बेचेंगे. क्योंकि उन्हें अलग अलग जगहों पर जाकर अनाज बेचना होगा. कृषि मंत्री ने कहा कि हमलोग बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन संशोधन नहीं होगा. मैंने कहा कि सरकार बातचीत करे लेकिन पहले से कोई शर्त नहीं रखे. 

वहीं दिल्ली में किसान आंदोलन की वजह से हो रहे सड़क जाम को लेकर किसान नेता ने कहा कि हम तो चाहेंगे कि सड़क खुल जाएं. पुलिस रास्ते पर लगे बैरिकेड्स को हटाए. अगर सरकार सही नीयत से बात करना चाहती है तो हम समझौता करने को तैयार हैं.  

 

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