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लोकसभा में बोले मनीष तिवारी- देश की जनता की कीमत पर विदेशों को वैक्सीन का निर्यात

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने लोकसभा में आज स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने सरकार से देश की जनता की कीमत पर विदेशों को कोरोना वैक्सीन निर्यात करने को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया.

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (फाइल फोटो) कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सही से नहीं चल रहा देश में वैक्सीनेशन अभियान
  • ‘देश की 0.047% जनता का ही टीकाकरण’
  • विदेश मंत्री का ‘वैक्सीन मैत्री’ पर संसद में बयान

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने लोकसभा में आज स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने सरकार से देश की जनता की कीमत पर विदेशों को कोरोना वैक्सीन निर्यात करने को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया.

स्वास्थ्य मंत्री की गैर-मौजूदगी पर सवाल
मनीष तिवारी ने जब सदन में चर्चा की शुरुआत की तो उन्होंने  स्वास्थ्य मंत्री की गैर-मौजूदगी का सवाल उठाया. हालांकि इस पर कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्री राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना पर एक बैठक में व्यस्त हैं.

‘देश की 0.047% जनता का टीकाकरण’
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने अपने वक्तव्य के दौरान सरकार से पूछा कि देश में अभी भी 0.047% लोगों को कोरोना टीका लगा है. जबकि सरकार ने 5.74 करोड़ वैक्सीन खुराकें विदेशों को निर्यात की हैं. उन्होंने सदन में मौजूद विदेश मंत्री एस. जयशंकर से इसके जायज होने का सवाल किया.

सही से नहीं चल रहा वैक्सीनेशन अभियान
मनीष तिवारी ने कहा कि देश में कोरोना वैक्सीनेशन का अभियान सही से नहीं चल रहा है. गृह मंत्रालय ने भी चिंता जताई है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्होंने कोरोना की दूसरी खुराक नहीं ली, ऐसे में पहली खुराक भी खराब हो गई.

विदेश मंत्री का वैक्सीन मैत्री पर बयान
संसद के दोनों सदनों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की ‘वैक्सीन मैत्री पहल’ पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की ‘वैक्सीन मैत्री पहल’ के तहत 72 देशों को कोरोना वैक्सीन भेजी गई.  देश में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद ही विदेशों को वैक्सीन का निर्यात किया गया. एक सशक्त अधिकार प्राप्त समिति लगातार देश में कोरोना वायरस की उपलब्धता की समीक्षा करती है. वैक्सीन मैत्री पहल की शुरुआत मालदीव से की गई. इसके बाद भूटान, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों को भी वैक्सीन भेजी गई.

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