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किसानों पर लाठीचार्ज-आंसू गैस पर संसद में सरकार का जवाब-पुलिस के पास नहीं था कोई और रास्ता

केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक सवाल के जवाब पर लोकसभा में कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की साथ ही हिंसा भड़काने की भी कोशिश की गई. टैक्ट्रर रैली के दौरान जबरन पुलिस बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की गई. ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी उनकी ड्यूटी करने से रोका गया.

सदन में केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस का बचाव किया है. (फाइल फोटो) सदन में केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस का बचाव किया है. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली पुलिस ने दिसंबर 2020 तक दर्ज किए 39 मामले
  • गृह मंत्रालय ने किया दिल्ली पुलिस का बचाव
  • कहा- लाठीचार्ज और आंसू गैस के अलावा विकल्प नहीं था

कृषि कानून के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर दिल्ली पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की घटना का केंद्र सरकार ने बचाव किया है. सदन में किसान आंदोलन को लेकर किए गए सवाल पर गृह मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली पुलिस के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था.

केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक सवाल के जवाब पर लोकसभा में कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, साथ ही हिंसा भड़काने की भी कोशिश की गई. ऐसे में दिल्ली पुलिस के पास बल इस्तेमाल के अलावा कोई विकल्प  नहीं था.

लिखित बयान में कहा गया है कि जहां तक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर दिल्ली पुलिस द्वारा आंसू गैस का प्रयोग करने और लाठीचार्ज करने का संबंध है, दिल्ली पुलिस द्वारा यह सूचित किया गया है कि दिल्ली की सीमा पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में प्रदर्शनकारी किसानों के बड़े काफिले ने हाल ही में कृषि कानूनों के विरुद्ध अपना विरोध प्रदर्शित करने के लिए दिल्ली में प्रवेश करने हेतु उग्र रूप से अपना रास्ता बनाने और दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग को पार करने का प्रयास किया. उन्होंने आक्रामक रूप से दंगा किया, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और लोक सेवकों को अपने कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग किया.

जिसके फलस्वरूप ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को गंभीर चोटें आईं. इसके अलावा किसानों/प्रदर्शनकारियों द्वारा सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया गया और वे कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच बिना फेस मास्क के बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए. किसानों की इन कार्रवाईयों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के पास भीड़ को नियंत्रण करने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन और हल्के बल प्रयोग करने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं था

गृह मंत्रालय ने कहा कि किसानों के इस प्रदर्शन में कोरोना वायरस गाइडलाइंस का पालन भी नहीं किया गया. किसानों ने मास्क भी नहीं लगाया था ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया. किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई घटना के बारे में जानकारी देते हुए गृह मंत्रालय ने सदन में कहा कि दिल्ली पुलिस ने कृषि कानून को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में सितंबर से लेकर दिसबंर 2020 तक 39 मामले दर्ज किए हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक एक आत्महत्या का भी मामला दर्ज किया गया है.

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