कांग्रेस के नेतृत्व में 19 विपक्षी दलों ने राज्यसभा में किसानों के मुद्दे पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान ही चर्चा कराने के लिए समय की मांग की थी. इसे लेकर सरकार और विपक्ष में सहमति बन चुकी है. राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने भी इस पर अनुमति दे दी.
आजाद ने रखा प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने सदन की कार्यवाही शुरू होने पर किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए पांच घंटे समय की मांग की. सभापति ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान ही इस पर बहस करने की अनुमति दे दी.
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15 घंटे का समय
सभापति ने किसानों के मुद्दे पर चर्चा के साथ धन्यवाद प्रस्ताव पर कुल चर्चा के लिए पंद्रह घंटे का समय दिया. इसके चलते सदन में सिर्फ शून्यकाल (जीरो आवर) की अनुमति दी गई है, कल और परसों शून्यकाल नहीं होगा. जबकि सदन में प्रश्नकाल तीन दिन नहीं होगा.
‘जय जवान, जय किसान’
आजाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर जब बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने अपने वक्तव्य की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ नारे से की. इसी के साथ शहीद भगत सिंह के पिता सरदार किशन सिंह और चाचा अजीत सिंह के ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन का जिक्र किया. उन्होंने बांके दयाल के गीत ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ की पंक्तियों को भी सदन में पढ़ा.
AAP सांसद पूरे दिन के लिए बाहर
किसानों के मुद्दे को लेकर AAP सांसदों के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी. कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सभापति वेंकैया नायडू ने AAP के तीन सांसद संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को सदन से बाहर जाने नोटिस दिया. सहयोग ना मिलने पर तीनों को मार्शल बुलाकर सदन से बाहर भेज दिया गया. उन्हें पूरे दिन के लिए सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया गया.
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