बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पत्र पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है. सीतारमण ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन को जीएसटी से बाहर रखने पर उपभोक्ताओं को फायदा नहीं होगा और इसका उल्टा असर देखने को मिलेगा. रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि ममता बनर्जी की तरफ से पीएम मोदी को पत्र लिखकर जिन चीजों का जिक्र किया गया है, उनपर पहले से ही ये कर नहीं लगाए गए हैं.
दरअसल, ममता बनर्जी ने पत्र लिखकर पीएम मोदी से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स और कोरोना संबंधी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी/एसजीएसटी/सीजीएसटी/आईजीएसटी नहीं लगाने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि कई संगठन और एजेंसी भी इस मांग के लिए आगे आई हैं. उनके इस पत्र पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने इस साल तीन मई को एक लिस्ट जारी की थी जिसमें उन चीजों का नाम शामिल है जिसपर जीएसटी नहीं लगाई गई है.
वित्त मंत्री ने कहा कि वैक्सीन पर जीएसटी 5 प्रतिशत और कोविड से संबंधित दवाओं और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स पर 12 प्रतिशत लागू की गई है. यह इन वस्तुओं के घरेलू आपूर्ति और कमर्शियल आयात पर लागू है. उन्होंने कहा कि एक वस्तु पर जीएसटी संग्रह का आधा हिस्सा केंद्र और दूसरे राज्यों में जाता है. उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा सीजीएसटी का 41 प्रतिशत राजस्व राज्यों को दिया जाता है.
1/ Hon. CM of West Bengal has written to the Hon seeking exemption from GST/Customs duty and other duties and taxes on some items and COVID related drugs.
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman)
My response is given in the following 15 tweets.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि 100 रुपये के संग्रह में से 70.50 रुपये राज्यों का हिस्सा है. वैसे ही वैक्सीन पर वसूले जाने वाले जीएसटी का 41 प्रतिशत उन राज्यों को दिया जाता है. इसका मतलब है कि वैक्सीन से प्राप्त कुल राजस्व का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलेगा. उन्होंने कहा कि टीके के घरेलू निर्माता के हित में और नागरिकों के हित में जीसएटी का मामूली पांच प्रतिशत है.