22 अप्रैल को पूरे विश्व में पृथ्वी दिवस (world earth day) मनाया जाता है, लेकिन ये कुछ तस्वीरें हैं जो अर्थ डे के मौके पर आपको सोचने के लिए मजबूर कर देंगी.
साल 1970 में पहली बार पृथ्वी दिवस मनाया गया था. और तक से लगातार देश और दुनिया को कचरा मुक्त का प्रण लिया जाता है, लेकिन कचरा कम होने के बजाय हमारे आसपास और बढ़ता जा रहा है.
हम सब ये जानते हैं कि पृथ्वी के लिए सबसे घातक पॉलीथीन है, फिर भी हम इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं.
हम सबने मिलकर वातावरण को दूषित कर दिया है. अगर आज भी हम नहीं चेते तो धीरे-धारे सब नष्ट हो जाएगा. लोगों को आज साफ पानी नहीं मिल रहा है. नदियां दूषित होती जा रही हैं.
पृथ्वी दिवस मनाने का सिर्फ एक ही उद्देश्य है, लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना. अर्थ डे दिन तो हम संकल्प लेते हैं लेकिन अगले दिन ही भूल जाते हैं.
हम कई बार कह देते हैं मौसम खराब चल रहा है. लेकिन ये क्यों भूल जाते हैं कि इस खराब मौसम की सबसे बड़ी वजह तो हम ही हैं. क्योंकि पेड़ सिमटते जा रहे हैं और बहुमंजिली इमारतें बढ़ती जा रही हैं.
बचपन में कहा जाता है कि धरती हमारी माता है. लेकिन शायद हम बड़े होते-होते ये बात भूल जाते हैं.
पेड़ को काटना और नदियों, तालाबों को गंदा करना हम जिस दिन बंद कर देंगे, उसी दिन से सही मायने में दुनिया अर्थ डे मनाएगी.
स्कूलों में बच्चों को संकल्प दिलाया जाता है कि हम गंदगी नहीं करेंगे. लेकिन शायद उसे सही से अपने जीवन में लागू नहीं कर पाते.
खासकर भारत में प्रदूषण दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है. जिसका सामना हम हर रोज कर रहे हैं.