देश में बने मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम) का रविवार को अहमदनगर रेंज से दूसरी बार सफल उड़ान परीक्षण किया गया.(फोटो-डीआरडीओ)
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस मिशन के सभी मकसद को पूरा किया गया और 15 और 16 सितंबर को दो मिसाइलों का सफलतापूर्वक अलग-अलग रेंजों के लिए परीक्षण किया गया, जिनमें अधिकतम सीमा क्षमता शामिल है. (फोटो-डीआरडीओ)
भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी और प्रमुख सेनाओं में से एक है. संख्या की दृष्टि से भारतीय थलसेना के जवानों की संख्या दुनिया में चीन के बाद सबसे अधिक है. भारतीय शस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमान भारत के राष्ट्रपति के पास है. यह परीक्षण सेना की ताकत में और इजाफा करेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर-रॉयटर्स)
इससे पहले 20 अगस्त को गाइडेड बम-एसएएडब्ल्यू और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल 'हेलिना' का राजस्थान के पोकरण में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण किया. चांधण रेंज में वायु सेना के विमान से स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वीपन (एसएएडब्ल्यू) का सफल परीक्षण हुआ. (प्रतीकात्मक तस्वीर-रॉयटर्स से)
मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम) जैसे हथियार होने से दुर्गम जगहों पर भी दुश्मनों के टैंक और अन्य ठिकानों को उड़ाने में सेना को काफी मदद मिलेगी.(प्रतीकात्मक फोटो-रॉयटर्स)
हाल ही में भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था. भारतीय सशस्त्र बल सेना, भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल भारत को दुश्मनों से सुरक्षित रखते हैं.(प्रतीकात्मक फोटो-रॉयटर्स)
कंधे पर रखकर चलाए जा सकने वाले इस मिसाइल की रेंज 4 किलोमीटर तक हो सकती है. चार किलोमीटर के दायरे में आने वाले दुश्मनों के निशाने को भेदने में यह मिसाइल काफी मारक साबित होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर-रॉयटर्स)
मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल भारत की 'नाग' मिसाइल सीरीज का हिस्सा है. आसानी से ले जा सकने वाले इस मिसाइल से टैंक को ध्वस्त किया जा सकता है. (प्रतीकात्मक फोटो-रॉयटर्स)