अयोध्या और साकेत को माना एक!
अयोध्या और साकेत दोनों नगरों को कई विद्वानों ने एक ही माना है. कालिदास ने भी
रघुवंश में दोनों नगरों को एक ही माना है, जिसका समर्थन जैन साहित्य में भी
मिलता है. कनिंघम ने भी अयोध्या और साकेत को एक ही नगर से समीकृत किया है.
वहीं इसके उलट विभिन्न- विभिन्न विद्वानों ने साकेत को भिन्न-भिन्न
स्थानों से समीकृत किया है.
आपको बता दें, बौद्ध ग्रंथों में भी अयोध्या और साकेत को भिन्न-भिन्न नगरों के रूप में प्रस्तुत किया गया है. वहीं वाल्मीकि रामायण में अयोध्या को कोशल की राजधानी बताया गया है जिसके बाद संस्कृत ग्रन्थों में साकेत से मिला दिया गया है.