महाराष्ट्र की पलूस-कडेगाव विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के विश्वजीत कदम ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली है. यह सीट विश्वजीत के पिता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पतंगराव कदम के निधन से खाली हुई थी.
यहां पर पहले बीजेपी ने कांग्रेस प्रत्याशी विश्वजीत कदम के खिलाफ संग्राम सिंह देशमुख को उतारा था, लेकिन आखिरी वक्त उन्होंने नामांकन वापस ले लिया.
बता दें कि इस सीट पर एनसीपी और शिवसेना ने पतंगराव को श्रद्धांजलि के रूप में विश्वजीत कदम को समर्थन दिया था. जिसके बाद बीजेपी नेता भड़क उठे थे. इसके बाद पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने बीजेपी नेताओं से इस सीट पर प्रत्याशी खड़ा न करने की बात कही थी.
इसके बाद महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बीजेपी नेताओं से चर्चा कर संग्राम सिंह देशमुख का नामांकन वापस करवा लिया.
राजनीतिक जानकारों की माने तो बीजेपी ने यह कदम शिवसेना के दबाव के बाद उठाया था. दरअसल, सांसद संजय राउत ने पतंगराव को श्रद्धांजलि के रूप में विश्वजीत कदम को समर्थन देने का ऐलान दिया था. वहीं, एनसीपी ने भी उन्हें समर्थन दिया.
बता दें कि राउत ने कहा था कि पतंगराव कदम सहकारिता, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े नेता थे. यह सब देखकर, सेना की यह इच्छा थी कि पलूस-कडेगाव उपचुनाव बिना किसी विरोध के हो.
कौन थे बीजेपी प्रत्याशी: बीजेपी उम्मीदवार संग्राम सिंग देशमुख सांगली जिला परिषद के अध्यक्ष हैं और जिला सहकारिता बैंक के डिप्टी चेयरमैन भी हैं. वह पूर्व विधायक संपतराव देशमुख के बेटे हैं और बीजेपी सांगली जिलाध्यक्ष पृथ्वीराज देशमुख के भांजे हैं.