देश में इन दिनों उन कर्जदारों की खूब चर्चा हो रही है, जो बैंकों से मोटा कर्ज लेकर या तो देश से भाग गए हैं या फिर खुद को कर्ज लौटाने में अक्षम बता रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 16 फरवरी 2016 को आरबीआई को निर्देश दिया है कि वह 500 करोड़ या इससे अधिक रकम का कर्ज लेने वाले डिफॉल्टर्स की सूची बंद लिफाफे में अदालत को सौंपे. करीब दो साल पहले All India Bank Employees' Association (AIBEA) ने ऐसी ही एक सूची जारी की थी. इसके अनुसार तब कुल डिफॉल्ट रकम 40,528 करोड़ रुपये थी.
एआईबीईए की सूची में किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक और मशहूर उद्योगपति विजय माल्या का नाम शुमार था. जो देश के तमाम बड़े बैंकों से 9000 करोड़ का कर्ज लेकर अब भारत से भाग गए हैं. उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी चल रहा है.
Winsome Diamond & Jewellery
एआईबीईए के मुताबिक, सोना-चांदी, हीरा और प्लैटिनम के गहनों का कारोबार करने वाली इस कंपनी के नाम 2660 करोड़ का कर्ज है.
Electrotherm India Limited
मेटल इंडस्ट्री की इस कंपनी के नाम सूची के मुताबिक, 2211 करोड़ का कर्ज है.
Sterling Biotech Limited
इस फार्मा कंपनी के नाम 1732 करोड़ का कर्ज है.
S. Kumars Nationwide Limited
SKNL देश की मशहूर टेक्सटाइल कंपनी है. इसके नाम 1692 करोड़ रुपये का कर्ज है.
Surya Vinayak Industries
फ्लोरिआना ग्रुप की इस यूनिट के नाम 1446 करोड़ रुपये का कर्ज है. इसका एग्री प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में कारोबार है.
Forever Precious Jewellery & Diamonds
सूची के मुताबिक सु-राज डायमंड्स एंड ज्वैलिरी के अधीन इस कंपनी के नाम बैंकों का 1,254 करोड़ रुपये बतौर कर्ज बकाया है.
Sterling Oil Resources
2014 की सूची के मुताबिक, इस कंपनी के नाम 1197 करोड़ का कर्ज है.
Varun Industries Limited
स्टेनलेस स्टील के क्षेत्र में कारोबार करने वाली इस कंपनी के नाम 2014 की सूची के मुताबिक 1129 करोड़ का कर्ज है.