यह बहस संसद में बोलने की अनुमति न मिलने के दावे पर केंद्रित थी. एक पक्ष ने कहा कि संसद में बोलने नहीं दिया जाता और माइक बंद कर दिया जाता है. उन्होंने फरवरी 2023 में अडानी मुद्दे पर, मार्च 2023 में ब्रिटेन से लौटने के बाद, अगस्त 2023 में मणिपुर हिंसा पर और जुलाई 2024 तथा जुलाई 2025 में लोकसभा में व्यवधान के उदाहरण दिए.