भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि वार्ता के लिए किसानों को बार-बार सरकार का बुलाना एक तरह से बिना मुकदमे की तारीख पर जाना है. उन्होंने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार कृषि कानून को जल्द वापस लेगी. इसके अलावा बातचीत में उन्होंने 21 फरवरी से पहले समस्या का हल निकल कर सामने आने की भी संभावना जताई है. देखिए आजतक संवाददाता राम किंकर सिंह की यह रिपोर्ट.