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Population in India: बढ़ती आबादी के 'धर्मसंकट' पर गरमाई राजनीति! जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भड़का विपक्ष

Population in India: बढ़ती आबादी के 'धर्मसंकट' पर गरमाई राजनीति! जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भड़का विपक्ष

आबादी के मुद्दे पर सियासी अखाड़े में अपने-अपने तर्क हैं. लेकिन सच तो ये है कि जनसंख्या विस्फोट की आहट हर दौर में सुनी गई और इस पर बात अपने-अपने ढ़ंग से कही गई. 1952 में भारत दुनिया का पहला ऐसा देश था जिसकी बढ़ती आबादी के उत्थान के लिए व्यवस्थित कार्यक्रम तैयार किए गए. तब देश की आबादी थी 35 करोड़ और तब नारा दिया गया 'बच्चे दो या तीन अच्छे'. 1975 तक देश की आबादी 56 करोड़ हो गई और तब देश ने परिवार को और छोटा करने के लिए नारा दिया 'हम दो-हमारे दो.' भारत में बढ़ती आबादी के 'धर्मसंकट' पर देखें ये रिपोर्ट.

In 1952, India was the first country in the world whose systematic programs were prepared for the upliftment of the growing population. At that time, population of the country was 35 crores and the slogan was given 'Bachhe Do hi Achhe'. By 1975, the population became 56 crores thereafter and the slogan 'Hum do-hamare do' came into existence. Watch this report.

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