संसद में घुसपैठ की पूरी साजिश काफी बारीकी से बुनी गई थी. कोई चूक ना हो इसके लिए कई प्लान बनाए गए थे. आरोपी 7 स्मॉग कैन लेकर पहंचे थे. पहले संसद के बाहर प्रदर्शन का प्लान बना लेकिन खारिज कर दिया गया ये कहकर कि कोई नोटिस नहीं लेगा. इसके बाद संसद के अंदर घुसपैठ का प्लान बना. हर किरदार का रोल तय था. गूगल से काफी चीजें सीखीं. पुराने वीडियो देखे और ये भी सीखा कि सुरक्षित चैट कैसे की जाती है, इसके बाद ये सिग्नल एप पर चैट करने लगे ताकि किसी की नजर में ना आए. इस ग्रुप ने कई युवाओं को अपने सोशल मीडिया पेज पर जोडा था. अपने मकसद के लिए उनका ब्रैन वॉश किया. देखें ये एपिसोड.